भारत सरकार टेक कंपनियों के लिए GST-सीमा शुल्क को बना रही आसान
भारत सरकार टैक्स और सीमा शुल्क (कस्टम) के नियमों को आसान बनाकर ज्यादा बड़ी टेक कंपनियों को अपनी ओर खींचना चाहती है। हाल ही में अमेजन, गूगल, सिस्को और ऐसी ही कई बड़ी कंपनियों के टैक्स निदेशक और वित्त कार्यकारी देश के टैक्स विभाग के अधिकारियों के साथ बैठे।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के अधिकारियों की अगुवाई में हुई इस बैठक में डेलॉइट साउथ एशिया की चेयरपर्सन और सिलिकॉन वैली टैक्स डायरेक्टर्स ग्रुप (SVTDG) की प्रमुख शेफाली गोराडिया भी शामिल थीं। इस दौरान उन्होंने इस बात पर चर्चा की कि भारत में कारोबार को और आसान कैसे बनाया जाए?
कागजी कार्रवाई को कम करने की योजना
इस बातचीत का सबसे जरूरी मुद्दा था कि वस्तु एवं सेवा कर (GST) और कस्टम से जुड़े नियमों को दुनियाभर की टेक कंपनियों के लिए कैसे आसान बनाया जाए?
सरकार का मकसद है कि कागजी कार्रवाई कम हो और कंपनियों को नियमों का पालन करने में ज्यादा खर्च भी न आए। इससे कंपनियां भारत में और आसानी से अपना कामकाज चला सकेंगी।
हालांकि, अभी कोई नए नियम तो नहीं बने हैं, लेकिन इन चर्चाओं से साफ पता चलता है कि भारत अंतरराष्ट्रीय टेक निवेश के लिए एक ज्यादा अनुकूल और आसान जगह बनने को लेकर बहुत गंभीर है।