नया थोक मूल्य सूचकांक आते ही महंगाई में हुआ इजाफा
भारत ने अपना नया थोक मूल्य सूचकांक (WPI) जारी कर दिया है। इसमें आधार वर्ष बदलकर अब 2022-23 कर दिया गया है।
साथ ही, इस सूचकांक में शामिल होने वाले आइटम की संख्या भी 697 से बढ़कर 957 हो गई है। ईंधन और ऊर्जा श्रेणी में अब कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे नए ऊर्जा स्रोत भी जोड़े गए हैं, जिससे यह सूचकांक आज की आर्थिक वास्तविकताओं को बेहतर तरीके से दर्शाता है।
मई में थोक मुद्रास्फीति रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची
नए WPI के आंकड़ों के हिसाब से देखें तो मई में थोक मुद्रास्फीति 9.68 फीसदी के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इस बढ़ोतरी में ईंधन और ऊर्जा श्रेणी का बहुत बड़ा योगदान रहा, जिसकी कीमतें 30.33 फीसदी तक बढ़ गईं। यह लगातार 7वां महीना है, जब इस नए सूचकांक में वृद्धि दर्ज की गई है।
इसके अलावा, सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से चलने के लिए 3 नए उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPIs) भी पेश किए हैं।