भारत ने क्वार्ट्ज उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ को WTO में दी चुनौती
भारत ने अमेरिका के एक खास टैक्स नियम को विश्व व्यापार संगठन (WTO) में चुनौती दी है। इस नियम से भारतीय क्वार्ट्ज उत्पादों की कीमत अमेरिका में बढ़ जाती है।
यह दोनों देशों के बीच हाल का चौथा व्यापारिक विवाद है। इससे पहले, स्टील और एल्युमीनियम, ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स, और कॉपर उत्पादों को लेकर भी दोनों देशों के बीच विवाद हो चुके हैं।
यह नियम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लागू किया था और यह अगस्त, 2030 तक लागू रहेगा।
सीमा पार होने पर देनी पड़ती है भारी ड्यूटी
अमेरिका में 'टैरिफ-रेट कोटा' नाम की एक व्यवस्था है। इसके तहत, एक तय सीमा तक आयात पर कम शुल्क लगता है, लेकिन जैसे ही यह सीमा पार होती है तो ड्यूटी काफी बढ़ जाती है, जो 50 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
इस व्यवस्था से भारत के अलावा स्पेन, थाईलैंड और वियतनाम जैसे कई देश प्रभावित हो रहे हैं। अमेरिका का कहना है कि वह अपने घरेलू क्वार्ट्ज उद्योग को भारी आयात से बचाना चाहता है।
बातचीत से समस्या का हल निकालने की तैयारी
भारत के लिए क्वार्ट्ज का निर्यात एक बड़ा कारोबार है, जिसका अनुमान वित्त वर्ष 2026 में 70 करोड़ डॉलर (करीब 6,650 करोड़ रुपये) का है।
दोनों ही देश पहले से कई अन्य व्यापारिक मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं। इसी क्रम में भारत ने अमेरिका से वर्चुअल बातचीत करने की अपील की है, ताकि इस मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जा सके और दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में और तनाव बढ़ने से रोका जा सके।