भारत-कनाडा के बीच आर्थिक साझेदारी को लेकर वार्ता का तीसरा दौर खत्म
भारत और कनाडा ने ओटावा में व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) वार्ता का तीसरा दौर पूरा कर लिया है। दोनों देश एक बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं।
इन वार्ताओं में माल, सेवाओं और बौद्धिक संपदा जैसे अहम पहलुओं पर चर्चा की गई और दोनों पक्षों ने अच्छी प्रगति हासिल की है।
दोनों देशों का साझा लक्ष्य 2026 के अंत तक इस समझौते को अंतिम रूप देना और आपसी व्यापार को और बढ़ावा देना है।
2030 तक करीब 4,700 अरब रुपये के व्यापार का लक्ष्य
CEPA का मकसद भारत-कनाडा व्यापार को 2030 तक 50 अरब डॉलर (करीब 4,700 अरब रुपये) तक पहुंचाना है, भले ही 2025-26 में दोनों देशों के बीच व्यापार में गिरावट दर्ज की गई थी।
उस दौरान, 8.22 फीसदी की गिरावट के साथ यह आंकड़ा 7.95 अरब डॉलर (करीब 740 अरब रुपये) पर आ गया था।
भारत की ओर से मुख्य तौर पर फार्मास्यूटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी चीजें भेजी जाती हैं, वहीं कनाडा से दालें और पेट्रोलियम पदार्थ भारत आते हैं।
कनाडा में भारतीय मूल के लोगों की बड़ी संख्या है, जिसमें हजारों भारतीय छात्र भी शामिल हैं। इन सबकी वजह से दोनों देशों के रिश्ते और ज्यादा मजबूत होने की उम्मीद है।