भारत 2030 तक कोयला-प्राकृतिक गैस आयात में बचाएगा 240 अरब डॉलर, IEA का अनुमान
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) का अनुमान है कि भारत 2030 तक कोयला और प्राकृतिक गैस के आयात पर करीब 240 अरब डॉलर (करीब 22,000 अरब रुपये) की बचत कर सकता है।
यह बचत तब होगी, जब देश इन पारंपरिक ईंधनों के बजाय सौर और पवन ऊर्जा जैसी रिन्यूएबल एनर्जी को तेजी से अपनाएगा। इस कदम से न केवल देश का खर्च कम होगा, बल्कि भविष्य के लिए उसकी ऊर्जा आपूर्ति भी ज्यादा साफ-सुथरी और सुरक्षित बनेगी।
स्थिर नीतियां निवेश कर रही आकर्षित
IEA के प्रमुख ने भारत के इस रवैये को 'एक मिसाल' बताया है। उनके मुताबिक, देश की लगातार बनी रहने वाली नीतियां रिन्यूएबल एनर्जी की लागत को कम करने और निवेश को खींचने में कामयाब रही हैं।
यह दूसरे उभरते हुए देशों के लिए भी एक बड़ी सीख है क्योंकि इससे साफ होता है कि स्वच्छ ऊर्जा कैसे स्थिरता और आर्थिक मजबूती दोनों दे सकती है।
भारत का लक्ष्य है कि 2030 तक रिन्यूएबल एनर्जी की क्षमता 530 गीगावाट (GW) तक पहुंच जाए, जिसमें सोलर पावर का बड़ा हिस्सा होगा।
हालांकि, इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए नए इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टोरेज टेक्नोलॉजी में लगातार निवेश की जरूरत होगी।