युवाओं को जिम्मेदारी से क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करना कैसे सिखाएं?
क्या है खबर?
आजकल कई युवा बिना पूरी जानकारी के ही क्रेडिट कार्ड, छोटे लोन या 'बाय नाउ पे लेटर' जैसे विकल्प इस्तेमाल करने लगते हैं। कॉलेज के समय ही उधार लेने की आदत शुरू हो जाती है। अगर उन्हें पहले से क्रेडिट के बारे में सही जानकारी न हो, तो बाद में महंगी गलतियां हो सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि युवाओं को शुरू से ही उधार, खर्च और पैसे लौटाने के नियमों के बारे में सरल तरीके से समझाया जाए।
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उधार लेने का आसान मतलब समझाएं
क्रेडिट सिखाने की शुरुआत एक आसान बात से की जा सकती है। उधार लेना मतलब भविष्य के पैसे को आज खर्च करना। कई युवा क्रेडिट कार्ड को सिर्फ भुगतान का तरीका समझते हैं, लेकिन असल में हर बार कार्ड इस्तेमाल करना एक छोटा लोन लेने जैसा होता है। यह समझाना जरूरी है कि जितना पैसा लिया जाता है, उसे बाद में वापस चुकाना पड़ता है और कई बार उससे ज्यादा पैसा देना पड़ता है।
#2
ब्याज और क्रेडिट हिस्ट्री की जानकारी दें
युवाओं को यह भी समझाना जरूरी है कि ब्याज कैसे काम करता है। अगर कोई व्यक्ति पूरी रकम एक साथ नहीं चुकाता और सिर्फ थोड़ा-थोड़ा भुगतान करता है, तो कुल रकम बढ़ती जाती है। इसी तरह हर भुगतान का रिकॉर्ड बनता है, जिसे क्रेडिट हिस्ट्री कहा जाता है। समय पर भुगतान करने से यह रिकॉर्ड अच्छा बनता है, जबकि भुगतान में देरी करने से भविष्य में लोन लेना मुश्किल हो सकता है।
#3
खर्च की आदत और बजट सिखाना जरूरी
क्रेडिट की समस्या अक्सर उधार लेने से नहीं बल्कि ज्यादा खर्च करने की आदत से शुरू होती है। इसलिए युवाओं को बजट बनाना और पैसे संभालना सिखाना जरूरी है। उन्हें एक तय रकम देकर खुद खर्च संभालने की प्रैक्टिस कराई जा सकती है। इससे वे समझते हैं कि पैसे को पूरे महीने कैसे चलाना है। धीरे-धीरे वे सीख जाते हैं कि क्रेडिट मुफ्त का पैसा नहीं बल्कि जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने वाला साधन है।