भारत में शादी रजिस्टर कराने से पहले जान लें ये जरूरी बातें
क्या है खबर?
भारत में शादी का रजिस्ट्रेशन पति-पत्नी के रिश्ते को कानूनी मान्यता दिलाने के लिए जरूरी माना जाता है। यह दस्तावेज कई सरकारी और कानूनी कामों में उपयोग होता है। हालांकि, कई लोगों को इसकी प्रक्रिया मुश्किल लगती है, लेकिन सही जानकारी होने पर यह काम आसानी से पूरा किया जा सकता है। शादी के बाद समय पर रजिस्ट्रेशन कराने से भविष्य में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है और जरूरी दस्तावेज भी आसानी से मिल जाते हैं।
#1
इन दस्तावेजों की पड़ती है जरूरत
शादी रजिस्टर कराने के लिए पति और पत्नी दोनों के पहचान पत्र, पते का प्रमाण, पासपोर्ट साइज फोटो और शादी से जुड़े जरूरी फॉर्म जमा करने होते हैं। कुछ मामलों में शादी का प्रमाण देने वाले अतिरिक्त दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति की पहले शादी हो चुकी है, तो तलाक के कागजात या पहले जीवनसाथी का मृत्यु प्रमाण पत्र भी देना पड़ सकता है। सभी दस्तावेज पहले से तैयार रखने पर प्रक्रिया आसान हो जाती है।
#2
रजिस्ट्रेशन में कितनी फीस लगती है?
शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए आमतौर पर 100-500 रुपये तक शुल्क देना पड़ सकता है। यह राशि अलग-अलग राज्यों और स्थानीय नियमों के अनुसार बदल सकती है। कुछ जगहों पर देर से आवेदन करने या अतिरिक्त प्रमाणन जैसी सेवाओं के लिए अलग शुल्क भी लिया जाता है। इसलिए आवेदन करने से पहले अपने क्षेत्र के संबंधित कार्यालय से सही जानकारी लेना बेहतर माना जाता है। इससे बाद में किसी तरह की दिक्कत या अतिरिक्त खर्च से बचा जा सकता है।
#3
प्रमाण पत्र मिलने में कितना समय लगता है?
शादी का रजिस्ट्रेशन पूरा होने में एक दिन से लेकर लगभग 30 दिन तक का समय लग सकता है। सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने के बाद पति-पत्नी को सत्यापन या बातचीत के लिए बुलाया जा सकता है। अधिकारियों द्वारा जानकारी की जांच पूरी होने के बाद शादी का आधिकारिक प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। समय सीमा राज्य और प्रक्रिया के अनुसार अलग हो सकती है, लेकिन अधिकतर मामलों में यह काम तय अवधि के भीतर पूरा हो जाता है।
#4
इन बातों का रखें खास ध्यान
शादी का रजिस्ट्रेशन बिना परेशानी पूरा करने के लिए आवेदन से पहले सभी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लें। अगर अपॉइंटमेंट की जरूरत हो तो उसे पहले से बुक कर लेना बेहतर होता है। इससे समय की बचत होती है और अनावश्यक देरी नहीं होती। साथ ही जमा किए गए सभी दस्तावेजों की फोटोकॉपी अपने पास सुरक्षित रखें। आधिकारिक प्रमाण पत्र मिलने तक ये कागजात भविष्य में जरूरत पड़ने पर महत्वपूर्ण सबूत के रूप में काम आ सकते हैं।