अपने क्रेडिट स्कोर को खतरे के दायरे से बाहर कैसे निकालें?
क्या है खबर?
लोन की आवश्यकता किसी को कभी भी पड़ सकती है, ऐसे में क्रेडिट स्कोर ठीक होना बहुत जरूरी है। बैंक क्रेडिट स्कोर के आधार पर ही लोन पर ब्याज दर, मंजूरी और शर्तें तय करते हैं। अगर स्कोर करीब 580 पर अटका है, तो लोन रिजेक्ट होना, ऊंचा ब्याज और बार-बार जांच आम बात है। इससे आर्थिक योजनाएं भी प्रभावित होती हैं। राहत की बात यह है कि क्रेडिट स्कोर हमेशा नहीं रहता और बदला जा सकता है।
जरूरी कदम
समय पर भुगतान सबसे जरूरी कदम
क्रेडिट स्कोर को खतरे से बाहर निकालने का पहला और सबसे अहम तरीका समय पर भुगतान करना है। देर से किया गया भुगतान स्कोर को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकता है और भरोसा कम कर देता है। इसलिए हर लोन और क्रेडिट कार्ड का बिल तय तारीख से पहले चुकाना जरूरी है। ऑटो कटौती की सुविधा चालू रखें और अकाउंट में थोड़ा अतिरिक्त पैसा रखें। रकम छोटी हो तब भी समय पर भुगतान करना ज्यादा जरूरी होता है।
खर्च
खर्च और नए लोन पर लगाएं रोक
क्रेडिट कार्ड की लिमिट के करीब खर्च करना स्कोर को कमजोर बनाए रखता है और जोखिम बढ़ाता है। बेहतर है कि कुल लिमिट का बहुत कम हिस्सा ही इस्तेमाल किया जाए। इसके साथ ही कम स्कोर के समय नए लोन या कार्ड के लिए आवेदन करना बंद कर दें। हर नई जांच स्कोर को और नीचे ले जाती है। पुराने बकाया साफ करने पर ध्यान दें और कुछ समय तक किसी नए क्रेडिट से दूरी बनाए रखें।
अकाउंट
रिपोर्ट जांचें और पुराने अकाउंट बचाएं
कई बार क्रेडिट स्कोर गलत जानकारी की वजह से भी कम होता है, जो नजर में नहीं आता। बंद लोन का चालू दिखना या गलत भुगतान दर्ज होना आम समस्या है। इसलिए क्रेडिट रिपोर्ट ध्यान से जांचें और गलती दिखे तो तुरंत सुधार करवाएं। इसके साथ ही, पुराने और साफ रिकॉर्ड वाले अकाउंट बिना वजह बंद न करें। लंबी और सही हिस्ट्री स्कोर को स्थिर बनाती है और धीरे-धीरे भरोसा वापस लाती है।