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बजट 2026: कैसे तैयार होता है देश का आर्थिक लेखा-जोखा? 
देश का बजट तैयार करने की प्रक्रिया 6 महीने पहले शुरू हो जाती है

बजट 2026: कैसे तैयार होता है देश का आर्थिक लेखा-जोखा? 

लेखन आबिद खान
Jan 23, 2026
07:24 pm

क्या है खबर?

1 फरवरी को केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट पेश करने जा रही है। ये पहली बार हो रहा है, जब बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा। फिलहाल बजट को बनाने और पेश करने से पहले की प्रक्रियाएं अपने आखिरी दौर में हैं। इसका नेतृत्व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर रही हैं, जिनके मार्गदर्शन में वित्त मंत्रालय ये काम कर रहा है। आइए जानते हैं देश का बजट कैसे बनता है।

शुरुआत

कैसे होती है बजट बनने की शुरुआत?

बजट भले 1 फरवरी को पेश होता है, लेकिन इसकी तैयारी पिछले साल अगस्त-सितंबर में ही शुरू हो जाती है। सबसे पहले वित्त मंत्रालय का आर्थिक कार्य विभाग (DEA) सभी मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस भेजकर पूछता है कि उन्हें अगले साल के लिए कितने पैसों की जरूरत है। राज्यों को बताना होता है कि वे अगले वित्तीय वर्ष में किस योजना, पहल या श्रेत्र पर कितनी राशि खर्च करेंगे।

प्रस्ताव

मंत्रालय सभी हितधारकों से करता है चर्चा

वित्त मंत्रालय इन प्रस्तावों की जांच करता है, ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि वे राजकोषीय लक्ष्यों, उद्देश्यों और आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप हों। कर व्यवस्था, निधियों के हस्तांतरण और केंद्र सरकार से जुड़ी योजनाओं पर राज्य सरकारों से परामर्श किया जाता है। इसके जरिए मंत्रालय आवंटन से पहले केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय सुनिश्चित करता है। इसके साथ-साथ उद्योग निकायों, अर्थशास्त्रियों और अन्य हितधारकों के साथ भी सलाह मशवरा किया जाता है।

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कौन

कौन बनाता है बजट?

बजट बनाने की जिम्मेदारी वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले DEA की होती है। इसमें वित्त मंत्री के साथ-साथ वित्त सचिव, राजस्व सचिव और व्यय सचिव की एक टीम होती है। इसके अलावा नीति आयोग और अलग-अलग मंत्रालयों के विशेषज्ञ आंकड़ों और अनुमानों पर काम करते हैं। मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) बजट के आर्थिक ढांचे को आकार देते हैं। उनका कार्यालय आर्थिक सर्वे तैयार करता है, जिसमें आर्थिक विकास, मुद्रास्फीति रुझान, राजकोषीय स्थिति, रोजगार और जोखिमों की जानकारी होती है।

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हलवा सेरेमनी

क्या होता है हलवा समारोह?

वित्त मंत्री बजट से ठीक पहले एक हलवा समारोह भी आयोजित करती/करते हैं। यह संकेत होता है कि बजट छपना शुरू हो चुका है। दरअसल, जितने भी अधिकारी बजट बनाने के कामों में जुटे होते हैं, उन्हें बजट पेश होने तक परिवार से संपर्क नहीं करने दिया जाता। ऐसे में ये समारोह एक तरह से उन्हें आभार प्रकट करने का तरीका भी होता है। आमतौर पर ये बजट पेश होने से कुछ दिन पहले होती है।

गोपनीयत

बेहद गोपनीय और सुरक्षित माहौल में तैयार होता है बजट 

बजट को तैयार करते हुए बेहद गोपनीयता बरती जाती है। बजट पेश होने से पहले कुछ दिनों तक वित्त मंत्रालय के अधिकारी और कर्मचारी नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में रहते हैं। अधिकारियों को मोबाइल फोन और अन्य संचार साधनों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहता है। कैमरों और जैमर से लगातार निगरानी की जाती है, ताकि देश के सबसे अहम वित्तीय लेख से जुड़ी कोई भी जानकारी लीक न हो सके।

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