यमन संकट के कारण तेल टैंकरों का किराया 150 फीसदी बढ़ा
हूती विद्रोहियों के यमन के मोचा बंदरगाह पर कब्जा करने और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य की ओर बढ़ने के बाद भारत को तेल भेजने वाले टैंकरों का किराया 150 फीसदी बढ़ गया है।
अब एक टैंकर का एक दिन का किराया 2.5 लाख डॉलर (करीब 2.35 करोड़ रुपये) हो गया है। लाल सागर के इलाके में चल रही अशांति की वजह से जहाजों के ईंधन की कीमतें 50 फीसदी ऊपर चली गई हैं।
दूसरी तरफ, उनका बीमा खर्च भी 20 फीसदी बढ़ गया है। ऐसे में केवल तेल को एक से दूसरी जगह ले जाना ही अब बहुत महंगा होता जा रहा है।
भारत का कच्चा तेल आयात बिल 56 फीसदी बढ़ा
भारत अपनी जरूरत का लगभग 30 फीसदी कच्चा तेल और गैस पश्चिमी एशिया से ही मंगाता है। ऐसे में इन बाधाओं का उस पर काफी बड़ा असर पड़ना तय है।
टैंकरों को अब बहुत लंबा रास्ता तय करके आना पड़ सकता है, जिससे माल पहुंचने में 2 सप्ताह की देरी होगी। इसकी वजह से दुनियाभर में ईंधन के दाम और बढ़ने की आशंका है। इस साल केवल 4 महीनों के भीतर ही भारत का कच्चा तेल आयात बिल 56 फीसदी बढ़कर 63.37 अरब डॉलर (करीब 6,000 अरब रुपये) तक पहुंच गया है।