GST को 9 साल पूरे: अब AI ने बदला टैक्स भरने का तरीका
वस्तु एवं सेवा कर (GST) को 9 साल पूरे हो गए हैं और अब यह अपने 10वें साल में दाखिल हो चुका है। 1 जुलाई, 2017 को जब GST लागू हुआ था, तब इसने कई पुराने टैक्सों की जगह लेकर एक नई और एकीकृत व्यवस्था शुरू की थी।
शुरुआत में इसे लागू करने में कुछ अड़चनें आईं, लेकिन अब यह प्रणाली काफी हद तक सुचारु रूप से काम कर रही है। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से रिटर्न दाखिल करना और भी आसान हो गया है, रिफंड भी जल्दी मिल रहे हैं, जिससे कारोबारियों का कागजी काम भी कम हो गया है।
टैक्स भरने वालों की संख्या 1.6 करोड़ के पार
2017 में GST के तहत पंजीकृत करदाताओं की संख्या करीब 66.5 लाख थी, जो अब 2026 तक बढ़कर 1.6 करोड़ हो गई है। यह इस बात का साफ संकेत है कि ज्यादा से ज्यादा कारोबार अब औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन रहे हैं।
2025 के अंत में GST की दरों को भी और सरल बनाया गया। अब जरूरी चीजों पर सिर्फ 5 फीसदी टैक्स लगता है, ज्यादातर सामान पर 18 फीसदी और लग्जरी सामानों पर 40 फीसदी टैक्स लगता है।
इसके अलावा, GST संग्रह पिछले 9 सालों में लगभग दोगुना हो गया है, जो 2025-26 के वित्तीय वर्ष में 22.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इससे साफ जाहिर होता है कि यह व्यवस्था न केवल सफल है, बल्कि देश की आर्थिक तरक्की में भी अहम भूमिका निभा रही है।