सरकार की एंटी-इन्फेक्टिव दवाओं पर मार्जिन घटाने की तैयारी
भारतीय सरकार एंटी-इन्फेक्टिव दवाओं (एंटीबायोटिक्स और एंटीवायरल) पर ट्रेड मार्जिन की ऊपरी सीमा तय करने पर विचार कर रही है। यह विचार कैंसर की दवाओं को सस्ता बनाने के लिए उठाए गए ऐसे ही एक कदम के बाद सामने आया है।
फिलहाल इन दवाओं पर ट्रेड मार्जिन 100 प्रतिशत से भी ज्यादा हो सकता है। सरकार का मकसद है कि लोगों को दवा की दुकान पर इनके लिए कम पैसे खर्च करने पड़ें।
कैंसर की दवाओं के मार्जिन तय
एंटी-इन्फेक्टिव दवाएं भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं में से हैं। इसलिए इस बदलाव का असर कई लोगों पर पड़ेगा।
इस साल की शुरुआत में सरकार ने 137 नॉन-शेड्यूल्ड एंटी-कैंसर फॉर्मूलेशन के मार्जिन तय किए थे। उम्मीद है कि 9 नवंबर से इनकी MRP में 93 प्रतिशत तक की कमी आएगी।
फिलहाल, कैंसर की उन दवाओं की कीमतों की सीमा को आगे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है, लेकिन अगर, यह नया नियम लागू हो जाता है तो रोजमर्रा की दवाएं खरीदना आपकी जेब पर थोड़ा हल्का पड़ सकता है।