महंगे कच्च तेल और डॉलर की मजबूती से सोने-चांदी में आई गिरावट
सोमवार (13 जुलाई) को सोने के दाम गिरकर 4,100 डॉलर प्रति औंस (1.26 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) से नीचे खिसक गए, वहीं चांदी भी करीब 2 फीसदी लुढ़क गई।
इसकी मुख्य वजहें कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, डॉलर का मजबूत होना और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी रही हैं। इन सब कारणों ने मिलकर उस सेफ-हेवन डिमांड को कमजोर कर दिया, जो आमतौर पर वैश्विक अनिश्चितता के समय सोने-चांदी को सहारा देती है।
अमेरिका के महंगाई आंकड़ों पर सबकी नजर
तेल के लगातार महंगा होने से महंगाई की चिंताएं भी बढ़ रही हैं। इसी के चलते अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है और ट्रेजरी यील्ड भी ऊपर चढ़ गए हैं।
इसका सीधा असर सोने पर पड़ा है क्योंकि इस पर कोई ब्याज नहीं मिलता, इसलिए यह कम आकर्षक लगने लगा है। चांदी में गिरावट और ज्यादा रही क्योंकि इसका संबंध औद्योगिक मांग से होता है।
आर्थिक अनिश्चितता के माहौल में यह मांग अक्सर कम हो जाती है। अब सबकी नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के नए आंकड़ों पर है।
अगर, महंगाई ऊंची बनी रहती है तो ब्याज दरें भी लंबे समय तक ऊपर रह सकती हैं, जिससे सोने और चांदी दोनों पर आगे भी दबाव बना रहेगा।