यूरिया की कीमतों में आई 40 फीसदी की गिरावट, भारतीय किसानों को बड़ी राहत
जून में वैश्विक यूरिया की कीमतों में 40 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद अब यह 572 डॉलर (करीब 54,000 रुपये) प्रति टन पर आ गया है।
यह उन किसानों के लिए बहुत राहत की बात है, जो महंगे खाद की वजह से परेशान थे, खासकर फसल बोने के इस अहम सीजन में।
यूरिया की कीमतों में यह गिरावट दुनियाभर में इसकी आपूर्ति बढ़ने और चीन द्वारा निर्यात पर लगाई गई पाबंदियों को कम करने के कारण हुई है।
हालांकि, यह भी सच है कि मौजूदा कीमतें पिछले साल के मुकाबले अभी भी काफी ज्यादा हैं।
भारत ने यूरिया उत्पादन बढ़ाया
यूरिया की कमी न हो और यह खाद किसानों को सस्ते दामों पर मिल सके, इसके लिए भारत ने अपने देश में ही इसका उत्पादन बढ़ाया है।
साथ ही, सरकार विदेश से भी यूरिया मंगवाने के नए विकल्प तलाश रही है। सरकार सब्सिडी के खर्च को संभालने और यह सुनिश्चित करने में लगी है कि किसानों को उनकी जरूरत का खाद समय पर मिल सके।
इस सबके बावजूद खाद बनाने में इस्तेमाल होने वाले सल्फर और अमोनिया जैसी अन्य सामग्री अभी भी महंगी बनी हुई हैं।