विदेशी निवेशकों ने 2 दिनों में निकाले 7,608 करोड़ रुपये, जानिए आगे क्या है उम्मीद
क्या है खबर?
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने नए साल के पहले 2 दिनों में भारतीय शेयरों से 7,608 करोड़ रुपये (84.60 करोड़ डॉलर) निकालकर पिछले साल की बिकवाली की प्रवृत्ति को जारी रखा है। मुद्रा में अस्थिरता, वैश्विक व्यापार तनाव, संभावित अमेरिकी टैरिफ और बाजार के अत्यधिक मूल्यांकन को लेकर चिंताओं के कारण 2025 में 1.66 लाख करोड़ रुपये (18.9 अरब डॉलर) की बिकवाली की है। इसने पिछले साल डॉलर के मुकाबले रुपये के लगभग 5 प्रतिशत गिरावट में योगदान दिया है।
उम्मीद
विशेषज्ञों को क्या है उम्मीद?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में स्थिति में बदलाव आ सकता है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि इस वर्ष विदेशी निवेश सूत्रधारों की रणनीति में बदलाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि घरेलू बुनियादी बातों में सुधार से विदेशी निवेश में वृद्धि हो सकती है। उन्होंने आगे कहा कि मजबूत GDP वृद्धि और कंपनियों की आय में सुधार की संभावना आने वाले महीनों के लिए विदेशी निवेश के लिए अच्छे संकेत हैं।
वजह
इन कारणों से निवेश में हो सकती है बढ़ोतरी
एंजल वन के वरिष्ठ मौलिक विश्लेषक वकारजावेद खान ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का सामान्यीकरण, अनुकूल वैश्विक ब्याज दर और अमेरिकी डॉलर-भारतीय रुपये के जोड़े में स्थिरता विदेशी निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बना सकती है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इक्विटी मूल्यांकन अपेक्षाकृत बेहतर हुआ है, जिससे निवेश में और तेजी आ सकती है। इन सकारात्मक उम्मीदों के बावजूद विदेशी निवेशकों ने 2026 की शुरुआत सतर्कता के साथ की है।