विदेशी निवेशक कच्चे तेल की चिंताओं के कारण भारतीय बाजार से हो रहे दूर
EPFR ग्लोबल के शोध निदेशक कैमरून ब्रैंड्ट का कहना है कि विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से अपना पैसा वापस निकाल रहे हैं। उनका मानना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भारत की इसके आयात पर ज्यादा निर्भरता ने देश को निवेशकों के लिए कम आकर्षक बना दिया है।
ब्रांड्ट ने बताया कि केवल सितंबर में ही कई निवेशकों ने भारत को छोड़कर दूसरे उभरते बाजारों में अपना पैसा लगाया क्योंकि उन्हें वहां कमाई के बेहतर अवसर नजर आए।
ग्लोबल बॉन्ड फंड्स में जमकर हो रहा निवेश
आर्थिक अनिश्चितता के दौर में भी ग्लोबल बॉन्ड फंड्स लगातार निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। इन फंड्स में हर सप्ताह लगभग 15 से 20 अरब डॉलर (करीब 1,400-1,900 अरब रुपये) का भारी निवेश हो रहा है।
इसी बीच, ब्राजील में चुनाव के बाद सकारात्मक माहौल बनने से वहां भी नया निवेश आ रहा है। दूसरी ओर, सोने और चांदी के फंड्स को लेकर निवेशकों में मिली-जुली, लेकिन स्थिर दिलचस्पी बनी हुई है।