पर्सनल लोन डिफॉल्ट के बाद बढ़ सकती हैं मुश्किलें, बचने के लिए ये 5 तरीके अपनाएं
क्या है खबर?
पर्सनल लोन का भुगतान न करने पर आपको कई परेशानियां झेलनी पड़ सकती है। इसमें कानूनी परेशानी और सख्त वसूली जैसी कार्रवाई भी झेलनी पड़ सकती है। बैंक को लोन समझौते की शर्तों के अनुसार, भुगतान में देरी होने पर वसूली की कार्रवाई शुरू करने का अधिकार है। ऐसी स्थिति में आप सतर्कता और सक्रिय कदम उठाकर गंभीर परिणामों से बच सकते हैं। आइये जानते हैं वो 5 बातें जो आपको पसर्नल लोन नहीं चुकाने पर मुश्किलों से बचाएंगी।
अनुरोध
राहत के लिए बैंक से कर सकते हैं अनुरोध
ऋणदाता को सूचित करें: EMI रिमाइंडर, टेक्स्ट मैसेज या ईमेल को कभी भी अनदेखा न करें। अगर, आपको रिकवरी कॉल आती हैं तो उनका सही से जवाब दें और अच्छे संबंध बनाने और निष्पक्ष बातचीत बनाए रखने का प्रयास करें। किश्त न चुकाने के पीछे के आ रही समस्या के बारे में बताएं। राहत के लिए अनुरोध: कई बैंक EMI पुनर्निर्धारण, स्थगन, भुगतान पुनर्गठन और ऋण अवधि विस्तार जैसे विकल्प प्रदान करती है। इससे आप परेशानी से बच सकते हैं।
समझौता
बैंक से भुगतान के लिए कर सकते हैं समझौता
समझौते पर बातचीत: आपकी वित्तीय स्थिति गंभीर है और पूर्ण पुनर्भुगतान संभव नहीं है तो आपको अपने ऋणदाता के साथ दूसरे विकल्पों पर चर्चा करनी चाहिए। बकाया भुगतान: अगर, आप संबंधित वसूली टीम से उचित चर्चा के बाद आंशिक भुगतान करने की इच्छा दिखाते हैं तो यह भी एक सकारात्मक कदम है। कानूनी प्रक्रिया: लोन चुकाने में बार-बार विफल होने पर एक नोटिस जारी किया जाता है। इसका जवाब देने के लिए वित्तीय सलाहकारों और वकीलों से परामर्श लेनी चाहिए।