फिच रेटिंग्स ने AI और डिजिटल क्रांति से वैश्विक क्रेडिट कमजोर होने की दी चेतावनी
फिच रेटिंग्स ने चेतावनी दी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश से दुनिया का क्रेडिट कमजोर हो सकता है।
AI से काम तो आसान और तेज हो सकता है, लेकिन इससे नौकरियां जाने और सरकारों की कमाई घटने का भी खतरा है। खासकर इसका असर विकसित देशों में पड़ेगा।
एशिया के बड़े बाजारों के निवेशक इन बदलावों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। इसके साथ ही, उन्हें निजी क्रेडिट और सरकारी कर्ज को लेकर भी चिंता सता रही है।
प्राइवेट क्रेडिट को NAV और लिक्विडिटी के जोखिम
फिच ने यह भी बताया कि निजी क्रेडिट बाजार को समझना अब और मुश्किल होता जा रहा है। NAV लोन जैसे पेचीदा लोन स्ट्रक्चर की वजह से यह पता लगाना कठिन हो जाता है कि किसका कितना कर्ज है।
डायरेक्ट लेंडिंग में पारंपरिक लोन बंडल्स (CLOs) के मुकाबले ज्यादा डिफॉल्ट हो रहे हैं। हालांकि, अब तक पैसा वापस मिलने की दर (रिकवरी रेट) उतनी बुरी नहीं है।
जैसे-जैसे इसमें आम निवेशकों की भागीदारी बढ़ रही है, लिक्विडिटी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। खासकर, जब लोग अपना पैसा तुरंत नहीं निकाल पाते।