एक्सफ्लो और HSBC ने दूसरे देशों की कंपनियों का भुगतान करना बनाया आसान
क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट प्लेटफार्म एक्सफ्लो ने हाल ही में HSBC के साथ हाथ मिलाया है। इस साझेदारी का मकसद अंतरराष्ट्रीय कारोबारों को भारतीय ग्राहकों से पैसे लेने में आसानी देना है।
सबसे अहम बात यह है कि अब विदेशी कंपनियों को भारत में अपनी कंपनी खोलने या यहां के स्थानीय नियमों के झंझट में पड़ने की जरूरत नहीं होगी।
इस सुविधा का ऐलान मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 के दौरान किया गया। इस नए कदम के बाद विदेशी कंपनियां अब यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI), कार्ड और नेट बैंकिंग जैसे आम और भरोसेमंद तरीकों से भारत से भुगतान स्वीकार कर सकेंगी।
स्थानीय भुगतान की सफलता दर 95 फीसदी से ज्यादा
भारत से भुगतान प्राप्त करना अब तक एक चुनौती रहा है। अक्सर कार्ड से होने वाले भुगतान रुक जाते हैं क्योंकि अधिकतर भारतीय कार्ड विदेशों में इस्तेमाल के लिए एक्टिव नहीं होते।
इसके साथ ही भारत के डाटा और मैंडेट संबंधी नियमों के कारण नियमित या रिकरिंग भुगतान स्थापित करना भी जटिल हो जाता है। दूसरी ओर, वायर ट्रांसफर अक्सर धीमे और महंगे साबित होते हैं।
एक्सफ्लो और HSBC की इस नई साझेदारी से भारत के घरेलू भुगतान इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करके क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट करना आसान हो जाएगा।
UPI और कार्ड जैसे स्थानीय भुगतान तरीकों की सफलता दर 95 फीसदी से ज्यादा है। इस सुविधा से ग्लोबल ब्रांड्स अब बिना किसी अतिरिक्त झंझट के भारत के बड़े बाजार तक अपनी पहुंच बना पाएंगे।