फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर्स को मिल रहा सॉफ्टवेयर डेवलेपर्स से 7 गुना वेतन
अगर, आप टेक में करियर बनाने की सोच रहे हैं तो एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। शुरुआती स्तर के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंजीनियर्स की सालाना कमाई 18-25 लाख रुपये तक हो रही है। इन्हें फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर्स (FDEs) कहते हैं। यह नए सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के मुकाबले करीब 7 गुना ज्यादा है, जिन्हें आमतौर पर सिर्फ 3-4 लाख रुपये मिलते हैं।
यह बड़ा अंतर इसलिए है क्योंकि उन लोगों की जबरदस्त मांग है, जो जनरेटिव AI सिस्टम्स को लागू कर सकें। इसकी वजह यह है कि हर कंपनी इस नई तकनीक को अपनाने की दौड़ में लगी है।
FDEs की तनख्वाह में 25 फीसदी तक उछाल
एक साल में FDEs की तनख्वाह में 15-25 प्रतिशत का उछाल आया है। मिड-लेवल के पेशेवरों की कमाई 45 लाख रुपये तक जा रही है और वरिष्ठ स्तर पर तो यह 85 लाख रुपये या उससे भी ज्यादा हो सकती है।
भारत में ऐसे सिर्फ 2,800 विशेषज्ञ ही मौजूद हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और HCL टेक जैसी बड़ी IT कंपनियां अपने ही कर्मचारियों और नए ग्रेजुएट्स को ट्रेनिंग दे रही हैं। अकेले TCS ही 8,900 नए FDEs तैयार करना चाहती है।