यूरोपीय संघ ने गूगल पर लगाया करीब 90 अरब रुपये का जुर्माना
यूरोपीय संघ (EU) ने गूगल पर एक अरब डॉलर (करीब 90 अरब रुपये) का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना इसलिए लगा क्योंकि कंपनी अपनी सेवाओं को प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से ज्यादा प्राथमिकता देता रहा है।
इस फैसले के बाद अब टेक दिग्गज के खिलाफ 10 अरब डॉलर (करीब 900 अरब रुपये) तक के निजी मुकदमे दायर किए जा रहे हैं।
इन मुकदमों में डिजिटल मार्केट्स एक्ट के तहत हाल में नियमों के उल्लंघन और पहले के एंटीट्रस्ट से जुड़े मामलों का जिक्र है। इससे यूरोप में गूगल पर दबाव और भी ज्यादा बढ़ गया है।
प्रतिद्वंद्वी कंपनियां मांग रहीं मुआवजा
जर्मनी की आइडियालो और स्वीडन की प्राइस रनर जैसी कंपनियों ने ऐसे कई मामलों में पहले ही बड़ी जीत हासिल कर ली है। दूसरी तरफ, इटली की मोलटिपली ग्रुप और अन्य कंपनियां भी अब अरबों डॉलर के मुआवजे की मांग कर रही हैं।
प्रतिद्वंद्वी कंपनियों का कहना है कि EU का यह हालिया फैसला इस बात को साबित करता है कि गूगल अब भी अनुचित तरीके से काम कर रहा है।
उधर, कंपनी इन सभी मामलों को चुनौती दे रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि आगे उसे लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि गूगल पिछले 10 सालों में ऐसे ही मामलों में 10 अरब यूरो (करीब 1,100 अरब रुपये) से ज्यादा का जुर्माना पहले ही भर चुका है।