अब दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचेंगे भारतीय GI उत्पाद
भारत के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय ने दुनियाभर में भौगोलिक संकेतक (GI) उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक अहम समझौता किया है। यह समझौता 5 अगस्त को नई दिल्ली में हुआ, जिससे उन स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और छोटे व्यवसायों को सरकारी मदद मिलेगी, जो अपने अनोखे क्षेत्रीय उत्पाद बनाते हैं। GI उत्पाद वे विशेष वस्तुएं हैं, जो किसी निश्चित भौगोलिक क्षेत्र से जुड़ी होती हैं।
ONDC और GEM प्लेटफॉर्म पर होंगे शामिल
इस योजना का मकसद GI उत्पादों को ज्यादा लोगों तक आसानी से पहुंचाना है। इसके लिए इन उत्पादों को डिजिटल कॉमर्स के लिए ओपन नेटवर्क (ONDC) और सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GEM) जैसे डिजिटल प्लेटफॉमों पर 'भारत GI' बैनर के तहत लाया जाएगा।
इतना ही नहीं ट्रेड एक्सपो में खास पवेलियन भी लगेंगे, ताकि दुनियाभर के खरीदारों का ध्यान इन उत्पादों पर जा सके।
दोनों मंत्रालय अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करते हुए भारत के इन मशहूर स्थानीय हस्तशिल्पों का हुनर बढ़ाएंगे, उनकी डिजिटल पहुंच बेहतर करेंगे और उनके लिए बड़े बाजार खोलेंगे।