विदेशी निवेशकों ने निकाले 739 करोड़ रुपये फिर भी भारतीय शेयर बाजार उछला
बुधवार को भारतीय रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.12 के स्तर पर थोड़ा मजबूत होकर खुला। इससे पहले मंगलवार को यह 96.16 पर बंद हुआ था, जो मई के बाद का सबसे निचला स्तर था।
रुपये में यह मामूली सुधार ऐसे समय में देखने को मिला, जब एक तरफ तो दुनियाभर में कच्चे तेल के दाम लगातार बढ़ रहे थे, वहीं दूसरी तरफ, विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 739 करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी कर ली थी।
थोक महंगाई में हुआ इजाफा
पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत 85.66 डॉलर (करीब 8,100 रुपये) प्रति बैरल तक पहुंच गई। इसके कारण रुपये पर दबाव और बढ़ गया।
इन सब के बावजूद, भारतीय शेयर बाजार में अच्छी बढ़त देखने को मिली। सेंसेक्स 553 अंक उछल गया और निफ्टी में भी 148.15 अंकों की बढ़त दर्ज की गई।
दूसरी ओर, खाने-पीने की चीजों और दूसरे सामानों के महंगे होने की वजह से जून में थोक महंगाई दर (WPI) बढ़कर 9.87 फीसदी तक पहुंच गई।
हालांकि, टैक्स कलेक्शन में भी बढ़ोतरी हुई है, जो दिखाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था इस समय चुनौतियों का सामना तो कर रही है, लेकिन उसमें मजबूती भी बनी हुई है।