अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की उम्मीद के बीच लाल निशान पर खुले एशियाई बाजार
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष पर विराम की खबरों के बाद सप्ताह की शुरुआत में एशियाई शेयर बाजार लाल निशान पर खुले। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 3 फीसदी फिसल गया, जबकि जापान का निक्केई एक फीसदी नीचे आ गया।
खास बात यह रही कि अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स में थोड़ी बढ़त दर्ज की गई। लोगों को उम्मीद है कि कतर में होने वाली शांति वार्ताओं से हालात सुधर सकते हैं क्योंकि दोनों देशों ने फिलहाल आगे और हमले न करने पर सहमति जताई है।
कच्चे तेल के दामों में उतार-चढ़ाव
कच्चे तेल के दाम में भी काफी हलचल देखने को मिली। टैंकरों और ठिकानों पर हुए हमलों के बाद तेल की कीमत करीब 2 फीसदी उछल गई। हालांकि, बाद में यह 72 डॉलर (करीब 6,700 रुपये) प्रति बैरल के स्तर पर स्थिर हो गई।
इस बीच, सोने की कीमतों में भी थोड़ी गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की नजरें अब भी महंगाई और ब्याज दरों पर टिकी हैं, जिसका असर सोने के बाजार पर भी दिख रहा है।
दूसरी तरफ, दक्षिण कोरिया की 2 बड़ी कंपनियों सैमसंग और SK समूह ने एक बड़ी योजना का ऐलान किया है। अगले 10 सालों में वे 1,300 अरब डॉलर (1.2 लाख अरब रुपये) से ज्यादा का निवेश करेंगी।
यह दिखाता है कि दुनियाभर में जारी तनाव के बावजूद कुछ कंपनियां भविष्य को लेकर बड़ी उम्मीदें पाले हुए हैं और लंबी अवधि की योजनाओं पर काम कर रही हैं।