ब्लैकस्टोन समर्थित डाटा सेंटर कंपनी एयरट्रंक भारत में करेगी 3,000 अरब रुपये का निवेश
क्या है खबर?
ब्लैकस्टोन के समर्थन वाली डाटा सेंटर कंपनी एयरट्रंक ने भारत में बड़ा निवेश करने की योजना का ऐलान किया है। कंपनी 2030 तक देश में 30 अरब डॉलर (लगभग 3,000 अरब रुपये) से अधिक निवेश कर सकती है। इस निवेश का उद्देश्य क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। कंपनी के अनुसार, इससे भारत में डाटा सेंटर क्षमता बढ़ाने और तकनीकी विकास को गति देने में मदद मिलेगी।
जगह
5 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता विकसित होगी
एयरट्रंक ने बताया कि उसका प्रस्तावित निवेश कार्यक्रम कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 5 गीगावाट से अधिक नई डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने में मदद करेगा। कंपनी का कहना है कि इससे देश में AI और क्लाउड सेवाओं के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा मजबूत होगा। इसके साथ ही, डाटा सेंटर निर्माण, संचालन और सप्लाई चेन से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार और नए कारोबारी अवसर भी पैदा होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा।
कारोबार
भारत में पहले से बढ़ा रही है कारोबार
कंपनी ने अप्रैल, 2026 में ल्यूमिना क्लाउडइन्फ्रा का अधिग्रहण कर भारतीय बाजार में कदम रखा था। इस सौदे के बाद एयरट्रंक के पास मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद में करीब 600 मेगावाट की विकास पाइपलाइन मौजूद है। कंपनी का कहना है कि इस पोर्टफोलियो में भविष्य में 5 अरब डॉलर तक की विकास क्षमता है। एयरट्रंक के संस्थापक रॉबिन खुदा ने कहा कि भारत को लेकर कंपनी का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है।
भरोसा
सरकार की डिजिटल योजनाओं से बढ़ा भरोसा
एयरट्रंक का मानना है कि डिजिटल इंडिया, इंडियाAI मिशन और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन जैसी सरकारी योजनाएं भारत को वैश्विक AI और क्लाउड निवेश का बड़ा केंद्र बना सकती हैं। कंपनी के प्रमुख रॉबिन खुदा ने कहा कि भारत के पास प्रतिभा, बाजार और नवीकरणीय ऊर्जा जैसी मजबूत खूबियां हैं। उन्होंने कहा कि AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ डाटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर आर्थिक विकास के लिए और भी महत्वपूर्ण होते जाएंगे।
अन्य
वैश्विक निवेशकों की नजर भारत पर
एयरट्रंक का विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब दुनियाभर की तकनीकी कंपनियां और निवेशक डाटा सेंटर तथा AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से पैसा लगा रहे हैं। कंपनी को ब्लैकस्टोन और कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड का समर्थन प्राप्त है। हाल ही में ब्लैकस्टोन ने एशिया में निवेश के लिए बड़ा फंड भी जुटाया है। ऐसे निवेश भारत को डिजिटल और AI क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति दिला सकते हैं।