ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद महंगा हुआ कच्चा तेल, ब्रेंट 75 डॉलर के पार
क्या है खबर?
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़त दर्ज की गई। अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर हमलों के जवाब में ईरान पर नए हमले किए। इसके बाद अमेरिकी WTI क्रूड 2.1 प्रतिशत बढ़कर 71.87 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 1.9 प्रतिशत बढ़कर 75.53 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जिससे बाजार में चिंता बढ़ गई।
चिंता
हमलों और प्रतिबंधों से बढ़ी चिंता
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में कार्रवाई की गई है। वहीं ईरान ने जवाबी कदम उठाने की चेतावनी दी है। इसी बीच अमेरिका ने ईरान को तेल निर्यात की अनुमति देने वाली एक महत्वपूर्ण प्रतिबंध छूट भी समाप्त कर दी। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास जहाजों पर हुए हमलों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी और तेल की कीमतों को ऊपर पहुंचा दिया।
होर्मुज
होर्मुज जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ा कारण
जानकारों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे अहम मार्ग है, जहां से दुनिया के एक बहुत बड़े हिस्से का कच्चा तेल गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव शिपिंग कंपनियों और तेल उत्पादक देशों के लिए चिंता का कारण बन गया है। हमलों के बाद यूरोप में प्राकृतिक गैस की कीमतों में भी तेजी आई, जिससे ऊर्जा बाजार पर दबाव और बढ़ गया।
चिंता
आगे भी बनी रह सकती है बाजार की चिंता
तनाव बढ़ने से पहले कई वैश्विक संस्थानों का मानना था कि उत्पादन बढ़ने के कारण तेल बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति देखने को मिल सकती है। वहीं ओपेक प्लस भी उत्पादन बढ़ाने की अपनी योजना पर आगे बढ़ रहा है। हालांकि, मौजूदा हालात ने बाजार की दिशा बदल दी है। अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।