अमेरिका ने शहीद हक्कानी बंदरगाह समेत 80 ठिकानों पर हमला किया, ईरान का तेल-बिक्री लाइसेंस रद्द
क्या है खबर?
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ईरान की इस्लामिक गार्ड IRGC द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के पास 3 वाणिज्यिक जहाजों पर हमले के बाद बुधवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के शहीद हक्कानी बंदरगाह समेत 80 ठिकानों पर हमला किया है। साथ ही, अमेरिका ने ईरान को दी तेल उत्पादन और बिक्री के लिए मिली प्रतिबंधों की छूट को भी रद्द कर दिया है। ईरान ने इसे इस्लामाबाद समझौते का उल्लंघन बताया है।
हमला
अमेरिकी सेना ने दिया बयान
अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने बयान दिया कि उसने ईरान के ख़िलाफ जबरदस्त हमले शुरू कर दिए हैं, जो ईरान द्वारा अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में आम नागरिकों वाले जहाज़ों पर हमला करने की सजा के तौर पर हैं। CENTCOM ने कहा कि उसके ये हमले उन 3 वाणिज्यिक जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में हैं जो होर्मुज से गुजर रहे थे। अमेरिकी सेना ने कहा कि ईरान की यह आक्रामकता गैर-जरूरी और खतरनाक थी, और यह युद्धविराम का उल्लंघन था।
हमला
ईरान ने 3 वाणिज्यिक जहाजों को बनाया था निशाना
CENTCOM ने कहा कि उसकी सेनाओं ने ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड और कंट्रोल नेटवर्क, तटीय रडार साइटों, एंटी-शिप मिसाइल क्षमताओं और होर्मुज के आसपास IRGC की 60 से ज्यादा छोटी नावों पर हमला किया है। हमले का मकसद ईरान की अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर हमले की क्षमता को कम करना है। ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले मार्शल आइलैंड्स ध्वज वाले M/T अल रेकाय्यत, सऊदी अरब के M/T वेद्यान और लाइबेरिया के M/T साइप्रस प्रॉस्पेरिटी को निशाना बनाया था।
आदेश
अमेरिका ने तेल बिक्री के लाइसेंस को रद्द किया
होर्मुज में टैंकरों पर हमलों के बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को तेल उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अमेरिकी डॉलर में तेल बेचने की अनुमति देने वाला लाइसेंस रद्द कर दिया है। बिक्री की मंज़ूरी देने वाले अमेरिकी वित्त विभाग से संबद्ध ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट कंट्रोल (OFAC) ने बयान में कहा कि ईरान के साथ लागू समझौता ज्ञापन (MoU) पूरी तरह से कामकाज या व्यवहार पर आधारित है। ईरान को तभी फायदा मिलेगा जब वह अच्छा व्यवहार करेगा।
जवाब
तेल निर्यात पर प्रतिबंध को ईरान ने गलत बताया
ईरान के विदेश मंत्रालय ने तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध को रद्द करने को पर इस्लामाबाद समझौते का स्पष्ट उल्लंघन बताया है। मंत्रालय ने अमरीकी वित्त विभाग की निंदा करते हुए कहा कि इस प्रतिबद्धता के उल्लंघन से होने वाले परिणामों के लिए पूरी तरह से अमेरिकी सरकार जिम्मेदार है। मंत्रालय ने कहा कि समझौता होने के बाद जनरल लाइसेंस को रद्द करने की घोषणा, अमेरिकी अधिकारियों की बुरी नीयत, असंगत व्यवहार और अविश्वसनीयता का एक और स्पष्ट संकेत है।
ट्विटर पोस्ट
अमेरिका का ईरान के शहीद पोर्ट पर हमला
US Airstrikes at the Shahid Haqqani Port in Iran. pic.twitter.com/BLq2p9CpZG
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) July 7, 2026
ईरान
ईरानी शीर्ष वार्ताकार गलिबाफ ने कहा- हम झुकेंगे नहीं
अमेरिकी कार्रवाई पर ईरानी शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गलिबाफ ने एक्स पर लिखा कि अमेरिका जलडमरूमध्य में ईरानी व्यवस्थाओं का उल्लंघन, धमकियां, प्रतिबंध, हमले, लेबनान पर जारी इजरायली आक्रामकता से MOU का गंभीर उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने लिखा, 'धौंस जमाने और जबरन वसूली का दौर खत्म। इससे कुछ हासिल नहीं होता, हम झुकेंगे नहीं।' यह तनाव ऐसे समय बढ़ा है, जब ईरान अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई का 7 दिवसीय अंतिम संस्कार समारोह मना रहा है।