अमेरिका ने ईरान के शहीद हक्कानी बंदरगाह पर हमला किया, ईरान को मिली छूट रद्द
क्या है खबर?
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ईरान की इस्लामिक गार्ड IRGC द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के पास 2 वाणिज्यिक जहाजों पर हमले के बाद बुधवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के शहीद हक्कानी बंदरगाह पर हमला किया है। साथ ही, अमेरिका ने ईरान को दी तेल उत्पादन और बिक्री के लिए मिली प्रतिबंधों की छूट को भी रद्द कर दिया है। ईरान ने इसे इस्लामाबाद समझौते का उल्लंघन बताया है।
हमला
अमेरिकी सेना ने दिया बयान
अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने बयान दिया कि उसने ईरान के ख़िलाफ जबरदस्त हमले शुरू कर दिए हैं, जो ईरान द्वारा अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में आम नागरिकों वाले जहाज़ों पर हमला करने की सजा के तौर पर हैं। CENTCOM ने कहा कि उसके ये हमले उन 3 वाणिज्यिक जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में हैं जो होर्मुज से गुज़र रहे थे। अमेरिकी सेना ने कहा कि ईरान की यह आक्रामकता गैर-जरूरी और खतरनाक थी, और यह युद्धविराम का उल्लंघन था।
आदेश
अमेरिका ने प्रतिबंध पर दी छूट रद्द की
होर्मुज में टैंकरों पर हमलों के बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को तेल उत्पादन और बिक्री के लिए मिली प्रतिबंधों से छूट को रद्द कर दिया है। ईरानी तेल की बिक्री की मंज़ूरी देने वाले अमेरिकी वित्त विभाग से संबद्ध ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट कंट्रोल (OFAC) नए बयान जारी कर कहा कि ईरान के साथ लागू समझौता ज्ञापन (MoU) पूरी तरह से कामकाज या व्यवहार पर आधारित है। ईरान को तभी फ़ायदा मिलेगा जब वह अच्छा व्यवहार करेगा।
जवाब
तेल निर्यात पर प्रतिबंध को ईरान ने गलत बताया
ईरान के विदेश मंत्रालय ने तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध को रद्द करने को पर इस्लामाबाद समझौते का स्पष्ट उल्लंघन बताया है। मंत्रालय ने अमरीकी वित्त विभाग की निंदा करते हुए कहा कि इस प्रतिबद्धता के उल्लंघन से होने वाले परिणामों के लिए पूरी तरह से अमेरिकी सरकार जिम्मेदार है। मंत्रालय ने कहा कि समझौता होने के बाद जनरल लाइसेंस को रद्द करने की घोषणा, अमेरिकी अधिकारियों की बुरी नीयत, असंगत व्यवहार और अविश्वसनीयता का एक और स्पष्ट संकेत है।
ट्विटर पोस्ट
अमेरिका का ईरान के शहीद पोर्ट पर हमला
US Airstrikes at the Shahid Haqqani Port in Iran. pic.twitter.com/BLq2p9CpZG
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) July 7, 2026