कच्चे तेल की कीमतें छह हफ्ते के उच्च स्तर पर, ब्रेंट 96 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा
क्या है खबर?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार (23 जुलाई) को कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.93 डॉलर यानी करीब 2 प्रतिशत बढ़कर 96 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जो छह हफ्तों का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं WTI कच्चा तेल 1.44 डॉलर यानी 1.7 प्रतिशत बढ़कर 88.27 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल बढ़ गई है।
चिंता
हमलों और टैंकरों पर खतरे से बढ़ी चिंता
अमेरिका की ओर से ईरान पर लगातार हमले किए जाने और ईरान की चेतावनियों के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।
वहीं यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में तेल टैंकरों को निशाना बनाने और सऊदी मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को रोकने की धमकी दी है।
इन घटनाओं के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका तेजी से बढ़ गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में अनिश्चितता लगातार बढ़ रही है।
तनाव
समुद्री रास्तों पर बढ़ा तनाव
ईरान ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हालात संवेदनशील बने हुए हैं और बिना समन्वय किसी जहाज को आने-जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
दूसरी ओर, लाल सागर में भी जहाजों की आवाजाही को लेकर तनाव बढ़ गया है।
दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इन्हीं समुद्री मार्गों से गुजरता है, इसलिए आपूर्ति बाधित होने का खतरा बाजार की चिंता बढ़ा रहा है और वैश्विक व्यापार पर भी असर पड़ सकता है।
आशंका
हालात बिगड़े तो बढ़ सकती हैं और कीमतें
मौजूदा हालात को देखते हुए आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
अगर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है या समुद्री रास्तों पर रुकावट आती है, तो ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच सकता है।
फिलहाल बाजार की नजर हर नए घटनाक्रम पर बनी हुई है और निवेशक स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं, जिससे कीमतों में तेजी का जोखिम अभी भी बना हुआ है।