EPFO ने 10 साल तक लटकाए रखा ट्रांसफर क्लेम, अब देना पड़ेगा जुर्माना
क्या है खबर?
प्राइवेट नौकरी करने वाले भविष्य निधि (PF) को पुराने से नए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाते में ट्रांसफर नहीं करने पर अब कोर्ट जा सकते हैं। एक ऐसा ही मामला चंडीगढ़ के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में आया है। आयोग ने कर्मचारी का पैसा ट्रांसफर करने के साथ हर्जाना देने का फैसला सुनाया। इसके अलावा एक दशक तक मामला अटकाए रखने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को फटकार भी लगाई है।
मामला
क्या है यह मामला?
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक कर्मचारी ने अपना PF अमाउंट ट्रांसफर करने के लिए आवेदन किया था, लेकिन 10 सालों तक उसका पैसा ट्रांसफर नहीं हुआ। थक हार के उस कर्मचारी ने चंडीगढ़ स्थित जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का दरवाजा खटखटाया, तब जाकर उसका पैसा ट्रांसफर हुआ। ट्रांसफर ही नहीं EPFO को 50,000 रुपये का हर्जाना भी देना पड़ा। यह फैसला उन कर्मचारियों के नजीर साबित हो सकता है, जो ऐसी परेशानी झेल रहे हैं।
फटकार
आयोग ने क्या कहा?
अदालत में सुनवाई के दौरान EPFO की तरफ से दलील दी गई कि सॉफ्टवेयर की परेशानी के कारण पैसा ट्रांसफर नहीं हो सका। इसको लेकर कोई ठोस सुबूत नहीं दिया गया कि आखिर देरी क्यों हुई? उपभोक्ता आयोग ने कहा कि EPFO धन हस्तांतरण में लगभग एक दशक की देरी के लिए सॉफ्टवेयर संबंधी समस्याओं को बहाना नहीं बना सकता है। इसे सर्विस में कमी माना और 50,000 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।