चीन में कोयले के दाम 3 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे
चीन में कोयले के दाम 3 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। लगातार 11वें सप्ताह में भी इनकी कीमतें बढ़ती रही हैं। किनहुआंगदो बंदरगाह पर स्पॉट थर्मल कोयला इस समय 986 युआन (लगभग 14,000 रुपये) प्रति टन पर बिक रहा है।
जुलाई के मध्य से इसमें 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कीमतों में इस उछाल से पावर प्लांट्स के मुनाफे पर असर पड़ सकता है। इतना ही नहीं कुछ फैक्ट्रियों के लिए बिजली भी महंगी हो सकती है।
इन कारणों से आयात में कमी
कोयले की कीमतों में इस बढ़ोतरी की मुख्य वजहें शांक्सी प्रांत में हुई एक जानलेवा खनन दुर्घटना है। इसके चलते वहां बड़े पैमाने पर सुरक्षा जांचें शुरू की गईं और उत्पादन में भी कटौती की गई।
इस वजह से जून से अगस्त के बीच कोयले का उत्पादन लगभग एक-तिहाई घट गया, वहीं इंडोनेशिया से इस साल आयात 25 फीसदी गिर गया है। इसकी वजह इंडोनेशिया में खनन की सख्त सीमाएं और नदियों में कम पानी का स्तर है, जिससे कोयले का परिवहन धीमा हो गया। यह चीन को कोयला आपूर्ति करने वाला सबसे बड़ा देश है।
कोयले से बनती है 50 फीसदी बिजली
उत्पादन में हालिया गिरावट के बावजूद, चीन के लिए कोयला अब भी बहुत महत्वपूर्ण है। देश की कुल बिजली उत्पादन का लगभग 50 फीसदी कोयले से ही होता है।