चीन ने राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर विदेश में पैसा लगाने के नियमों को किया सख्त
चीन ने विदेश में पैसा लगाने के नियमों को अब और सख्त कर दिया है। ये नए नियम 1 जुलाई से लागू कर दिए गए हैं। इसका मुख्य मकसद देश की सुरक्षा को मजबूत करना है, खासकर जब अमेरिका के साथ तकनीकी होड़ लगातार बढ़ रही है।
अब विदेश में होने वाले हर निवेश को चीन के समग्र राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत के दायरे में आना होगा। इस सिद्धांत के तहत देश के अंदरूनी और बाहरी हितों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जाती है।
विशेषज्ञों को विदेश भेजना भी हुआ मुश्किल
बीजिंग देश के अंदर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), चिप्स और ग्रीन टेक जैसे उद्योगों को बढ़ावा देने पर खास ध्यान दे रहा है। इन नए नियमों की वजह से अब विदेश में विशेषज्ञों को भेजना या वहां ट्रेनिंग सेशन चलाना भी मुश्किल हो गया है।
इसके अलावा, सरकार को अब ऐसे सौदों की जांच करने का अधिकार भी मिल गया है, जिनसे सुरक्षा को कोई खतरा हो सकता है। इसका एक उदाहरण इस साल की शुरुआत में देखने को मिला, जब सरकार ने AI स्टार्टअप मेनस को खरीदने से मेटा को रोक दिया था। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इन व्यापक शक्तियों के चलते चीन में कारोबार करने वाली विदेशी कंपनियों को अब बड़े जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है।