चीन ने इंडियम के निर्यात पर कसी लगाम, AI के भविष्य पर खतरा
चीन ने हाल ही में इंडियम के निर्यात की जांच को और सख्त कर दिया है। यह धातु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डाटा सेंटर्स को पावर देने वाली तेज ऑप्टिकल चिप्स बनाने के लिए बेहद अहम है।
दुनिया के करीब 70 फीसदी इंडियम का उत्पादन चीन में होता है, इसलिए वहां के किसी भी बदलाव का असर पूरे विश्व पर पड़ता है।
पिछले साल से इंडियम फास्फाइड (चिप्स का एक अहम हिस्सा) ही निर्यात नियंत्रण में था। अब इस साल में होने वाली नई कस्टम्स जांच ने खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है कि भविष्य में और क्या पाबंदियां लग सकती हैं।
यूरोप, उत्तरी अमेरिका के खरीदारों ने बताई समस्या
यूरोप और उत्तरी अमेरिका के खरीदार कस्टम्स से धीमी मंजूरी और ज्यादा सवालों का सामना कर रहे हैं। एक यूरोपीय खरीदार ने बताया कि इस साल पहली बार उनसे खरीदार के बारे में जानकारी मांगी गई, जबकि एक उत्तरी अमेरिकी खरीदार ने पूरे माहौल को तनावपूर्ण बताया।
अभी तक कोई भी माल रोका नहीं गया है, लेकिन माहौल में साफ तौर पर घबराहट देखी जा सकती है। इसी बीच, अमेरिका अगले 3 सालों में 403 टन इंडियम का भंडार जमा करने की योजना बना रहा है, ताकि उसका तकनीकी भविष्य सुरक्षित रह सके।