क्यों IDBI बैंक के कर्मचारी करेंगे 2-3 नवंबर को हड़ताल?
सरकार ने IDBI बैंक में अपनी ज्यादातर हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दे दी है। देशभर में 10,000 से अधिक कर्मचारी प्रस्तावित निजीकरण की प्रक्रिया को रद्द करने की मांग को लेकर 2 और 3 नवंबर को 2 दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। यह हिस्सेदारी कनाडाई मूल की दिग्गज वित्तीय कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की पूर्ण स्वामित्व वाली एक सहायक कंपनी 10955230 कनाडा इंक को बेची जा रही है।
इसी के बाद केंद्रीय ट्रेड यूनियन ने संसद से इस मामले में दखल देने की अपील की है। उन्हें डर है कि इस कदम से एक ऐसे महत्वपूर्ण बैंक पर से सरकार का नियंत्रण खत्म हो जाएगा, जो देश के कई जरूरी प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाता है।
यूनियन की मांग है कि इस बिक्री को रोका जाए, इससे जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं और किसी भी संभावित गड़बड़ी की जांच हो।
फंडिंग पर पड़ सकता है असर
यूनियन का कहना है कि अगर, IDBI बैंक पर से सरकार का नियंत्रण खत्म हो गया तो देश के मुख्य उद्योगों और राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मिलने वाले फंड पर बुरा असर पड़ सकता है।
वे इस मामले में ज्यादा पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। यूनियनों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण संस्थान में कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले संसद की राय जरूर ली जानी चाहिए।