केंद्रीय कर्मचारियों ने की न्यूनतम वेतन 69,000 रुपये करने की मांग
केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी दोनों अपनी तनख्वाह में बड़ी बढ़ोतरी और साथ ही पेंशन व्यवस्था में भी बदलाव चाहते हैं। लगभग 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों का प्रतिनिधित्व करने वाले इनके एक संगठन ने 5वें केंद्रीय वेतन आयोग को अपनी मांगों की एक सूची सौंपी है।
उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है कि जनवरी से नया न्यूनतम मूल वेतन 69,000 रुपये तय किया जाए। इसके अलावा, वे फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, जिससे उनकी तनख्वाह में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हो सके।
वे पुरानी पेंशन योजना को दोबारा लागू करवाने और मकान किराया भत्ते (HRA) को भी नए सिरे से अपडेट करने की मांग कर रहे हैं।
2027 के मध्य तक आ सकती है आयोग की अंतिम रिपोर्ट
इसके साथ ही, उनकी यह भी मांग है कि अलग-अलग पदों के बीच वेतन स्तरों को एक साथ जोड़ा जाए, ताकि वेतन विसंगतियां खत्म हों। कर्मचारियों को सेवाकाल के दौरान कम से कम 5 वित्तीय उन्नयन (अपग्रेडेशन) दिए जाएं।
उन्हें बेहतर आवास ऋण की सुविधा मिले और CGHS/ECHS के तहत बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी दिया जाए। संविदा पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी नियमित कर्मचारियों जैसी ही सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।
सभी संबंधित पक्षों की बात सुनने के बाद वेतन आयोग से अपनी अंतिम रिपोर्ट 2027 के मध्य तक पेश करने की उम्मीद है।