CBIC कर रहा केंद्रीय GST प्राधिकरण बनाने पर विचार
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) उन कारोबारों के लिए एक ही केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (GST) प्राधिकरण बनाने पर विचार कर रहा है, जिनकी शाखाएं अलग-अलग राज्यों में हैं।
अभी इन कारोबारों को हर राज्य के अलग-अलग टैक्स ऑफिस से निपटना पड़ता है, लेकिन नई व्यवस्था में उन्हें ऑडिट और टैक्स अनुपालन के लिए एक ही प्राधिकरण से काम करने की छूट मिल सकती है।
इस नए सिस्टम की व्यवहार्यता जांचने के लिए मुख्य आयुक्त विनायक चंद्र गुप्ता की अगुवाई में एक विशेषज्ञ पैनल बनाया गया है। यह पैनल देखेगा कि क्या यह आसान सिस्टम असल में लागू हो पाएगा।
पैनल GST पंजीकरण ढांचे पर देगा सिफारिश
यह पैनल दुनिया के दूसरे देशों में केंद्रीकृत पंजीकरण के तरीकों का भी अध्ययन करेगा। इसके बाद वह सिफारिश करेगा कि प्रस्तावित नया ढांचा उन कंपनियों के लिए वैकल्पिक होगा या अनिवार्य।
पैनल को 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। अगर, यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है तो उन सर्विस प्रोवाइडर्स को काफी राहत मिलेगी, जो जुलाई, 2017 में GST लागू होने से पहले भी इसी तरह काम करते थे। फिर उन्हें अलग-अलग राज्यों में काम करने पर बार-बार होने वाले ऑडिट और कागजी कार्रवाई की झंझट से छुटकारा मिल जाएगा।