जॉब स्कैम में निकला पाकिस्तानी संबंध, भारतीय जांच एजेंसियों ने किया खुलासा
क्या है खबर?
भारतीय जांच एजेंसियों ने 2024 में कंबोडिया में हुए जॉब स्कैम की उच्च स्तरीय जांच के दौरान एक पाकिस्तानी लिंक का चौंकाने वाला खुलासा किया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को पता चला है कि कंबोडिया में फंसे सैकड़ों भारतीय युवाओं को फंसाने के पीछे पाकिस्तानी एजेंट्स का हाथ था। इस स्कैम में सैकड़ों भारतीयों को फर्जी रोजगार प्रस्तावों के माध्यम से तस्करी करके उनका शोषण किया गया था।
लालच
ऐसे फंसाए गए थे लोग
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, स्कैम के दौरान फंसाए गए कई पीड़ितों ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें पाकिस्तानी एजेंट्स द्वारा भर्ती किया गया था। यह मामला सबसे पहले 2024 में सामने आया, जब अधिकारियों ने अनुमान लगाया कि 5,000 से अधिक भारतीय कंबोडिया में फंस गए थे, जिन्हें अच्छी तनख्वाह वाली नौकरियों का लालच देकर विदेश ले जाया गया था। इनमें से कई को बाद में साइबर अपराध गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया।
नेटवर्क
इन राज्यों में फैला है नेटवर्क
अधिकारियों के अनुसार, भर्ती संबंधी चैट और कॉल के फोरेंसिक विश्लेषण से पाकिस्तान से जुड़े डिजिटल फुटप्रिंट्स का पता चला, जिनमें वहां से काम कर रहे एजेंट्स के IP लॉग भी शामिल हैं। सूत्र ने बताया कि जांच में एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जो उत्तर प्रदेश, पंजाब, मुंबई, तेलंगाना और केरल के कमजोर नौकरी चाहने वालों को अपना शिकार बनाया। भारतीय दूतावास ने कंबोडिया में नौकरी की तलाश रहे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
डाटाबेस
साइबर अपराधियों का तैयार किया डाटाबेस
अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान से जुड़े IP एड्रेस की पहचान के बाद केंद्रीय एजेंसियों ने उन्हें संदिग्धों की सूची में शामिल कर लिया है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की ओर से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग करके तैयार की गई इस सूची में वित्तीय धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों में शामिल 14 लाख साइबर अपराधियों का विवरण है। यह डाटाबेस बैंकों के साथ शेयर किया गया है।