बायजू रवींद्रन ने सिंगापुर कोर्ट के फैसले पर तोड़ी चुप्पी, कही ये बात
क्या है खबर?
बायजू के संस्थापक बायजू रवींद्रन ने सिंगापुर कोर्ट के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कोर्ट ने उन्हें अवमानना के मामले में 6 महीने की जेल की सजा सुनाई है। इसके बाद रवींद्रन ने कहा कि उन्हें इस बात से निराशा है कि मामले को जिस तरह पेश किया गया, उससे उनके बारे में गलत धारणा बनी। उन्होंने कहा कि यह खबर ऐसे समय आई है जब बातचीत से समाधान की कोशिश चल रही थी।
प्रतिक्रिया
सेटलमेंट के करीब होने की कही बात
रवींद्रन ने कहा कि इस मामले की मुख्य पार्टियां आपसी समझौते के काफी करीब पहुंच चुकी थीं। उनके मुताबिक, बातचीत लगभग पूरी होने वाली थी और इसी दौरान यह मामला फिर सामने आ गया। उन्होंने कहा कि समझौते की प्रक्रिया में यह बात भी मानी गई थी कि उनकी तरफ से या दूसरे फाउंडर्स की तरफ से कोई गलत काम नहीं हुआ। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि इससे गलत संदेश गया है।
आरोप
दबाव बनाने की कोशिश का आरोप
बायजू संस्थापक ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में उन्होंने कई कानूनी मामलों का सक्रिय विरोध नहीं किया, क्योंकि बातचीत आगे बढ़ रही थी। उनके अनुसार, सभी पक्ष एक बड़े समाधान की दिशा में काम कर रहे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस समय मामले को आगे बढ़ाना दबाव बनाने की कोशिश जैसा लग रहा है। उनका कहना है कि इससे चल रही बातचीत पर असर पड़ सकता है और स्थिति और मुश्किल बन सकती है।
समाधान
समाधान पर ध्यान देने की बात कही
रवींद्रन ने कहा कि उनकी पहली कोशिश एक अच्छे और शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंचने की है। उन्होंने कहा कि कंपनी, कर्मचारियों, छात्रों और बाकी लोगों के हित को ध्यान में रखकर फैसले लिए गए थे। उनका यह भी कहना है कि किसी फाउंडर को विवाद से जुड़े पैसों का निजी फायदा नहीं मिला। साथ ही उन्होंने कहा कि वह गलत जानकारी को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ सकते और अपनी बात रखना जरूरी समझते हैं।