EV सेक्टर से 2030 तक पैदा होंगी 4 करोड़ नई नौकरियां
भारत का इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर 2030 तक लगभग 3-4 करोड़ नई नौकरियां पैदा करेगा। इन नौकरियों में सबसे आगे मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र होगा, लेकिन बैटरी बनाने, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने और गाड़ियों की सर्विसिंग जैसे क्षेत्रों में भी ढेरों अवसर मिलेंगे।
यह सेक्टर बहुत तेजी से बढ़ रहा है और हर साल भर्ती में 15-20 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
EV के लिए नए हुनर की जरूरत
बैटरी टेक्नोलॉजी, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे खास हुनर की मांग में 35 प्रतिशत का उछाल आने वाला है। इन नौकरियों में पुरानी ऑटो सेक्टर की नौकरियों के मुकाबले 45 प्रतिशत तक ज्यादा तनख्वाह मिल सकती है।
एडेको इंडिया के निदेशक और जनरल स्टाफिंग के प्रमुख दीपेश गुप्ता का कहना है कि भारत की प्रतिस्पर्धा केवल उत्पादन क्षमता पर ही नहीं, बल्कि कुशल कार्यबल तैयार करने पर भी उतनी ही निर्भर करेगी।
इसलिए, कौशल विकास कार्यक्रमों और उद्योग-अकादमी के बीच बेहतर तालमेल बनाना बहुत जरूरी है। दिल्ली सरकार की करीब 30,000 चार्जिंग पॉइंट लगाने की योजना जैसी सहायक सरकारी नीतियां भी इस भर्ती अभियान को बढ़ावा दे रही हैं।