बजट 2026 पर रियल एस्टेट की नजर: किफायती आवास से लेकर टैक्स राहत तक उम्मीदें
क्या है खबर?
बजट नजदीक आने के साथ रियल एस्टेट सेक्टर की निगाहें सरकार की नीतियों पर टिकी हुई हैं। इंडस्ट्री चाहती है कि मौजूदा नीतियों में स्थिरता बनी रहे और लंबे समय से अटके सुधारों पर ठोस कदम उठाए जाएं। डेवलपर्स का मानना है कि रियल एस्टेट सिर्फ निवेश का माध्यम नहीं, बल्कि शहरी विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों का मजबूत आधार है। इसलिए बजट 2026 में ऐसे कदम जरूरी हैं जो इस सेक्टर को ट्रैक पर बनाए रखें।
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हाउसिंग और अर्बन ग्रोथ पर फोकस की मांग
इंडस्ट्री लीडर्स का कहना है कि बजट में किफायती आवास और बुनियादी ढांचे से जुड़े शहरी विकास पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। होम लोन पर कर में छूट, स्टांप शुल्क को सरल करना और एकल खिड़की मंजूरी प्रणाली जैसी मांगें प्रमुख रूप से सामने आ रही हैं। इससे आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं को गति मिल सकती है। आसान मंजूरी प्रक्रिया और सस्ती फंडिंग से घर खरीदने वालों का भरोसा बढ़ेगा और नए प्रोजेक्ट शुरू होने में भी सहूलियत मिलेगी।
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मध्यम वर्ग, लग्जरी आवास और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी उम्मीदें
मध्यम वर्ग और लग्जरी आवास, दोनों ही क्षेत्रों को बजट से सहयोग की उम्मीद है। डेवलपर्स चाहते हैं कि बुनियादी ढांचे पर सरकारी खर्च बढ़े, जिससे छोटे और मझोले शहरों में भी मांग मजबूत हो सके। बेहतर सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे और शहरी परियोजनाओं से रियल एस्टेट को सीधा लाभ मिलता है। इसके साथ ही, कम ब्याज दर और पर्याप्त धन उपलब्धता से डेवलपर्स समय पर अच्छी गुणवत्ता वाले प्रोजेक्ट पूरे कर पाएंगे, जिससे बाजार में भरोसा बना रहेगा।
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दीर्घकालिक स्थिरता और हरित निर्माण पर फोकस
रियल एस्टेट सेक्टर बड़े ऐलानों से ज्यादा लंबे समय की स्पष्टता और भरोसेमंद नीतियां चाहता है। इंडस्ट्री को उम्मीद है कि सरकार हरित भवन, पर्यावरण के अनुकूल निर्माण और रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट जैसे विकल्पों को बढ़ावा देगी। GST को सरल बनाना और पूंजी तक आसान पहुंच भी अहम मांगों में शामिल है। कुल मिलाकर, सेक्टर चाहता है कि बजट 2026 स्थिरता, भरोसे और आसान क्रियान्वयन पर केंद्रित हो, जिससे शहरी विकास और रोजगार को लगातार मजबूती मिल सके।