बजट 2026 से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को क्या है उम्मीदें?
क्या है खबर?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अगले महीने देश का बजट पेश करेंगी। बजट 2026 को लेकर रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को काफी उम्मीदें हैं। इस क्षेत्र का कहना है कि सरकार सिर्फ नई बिजली बनाने तक सीमित न रहे। उद्योग चाहता है कि बजट 2026 में सोलर उपकरण बनाने, बिजली स्टोर करने और ग्रीन हाइड्रोजन जैसी नई स्वच्छ तकनीकों पर ज्यादा ध्यान दिया जाए, ताकि यह सेक्टर आगे चलकर और मजबूत बन सके।
स्वच्छ ऊर्जा
स्वच्छ ऊर्जा के लिए बीता साल रहा बेहतर
पिछला साल भारत के लिए स्वच्छ ऊर्जा के लिहाज से अच्छा रहा है। अनुमान के मुताबिक, 2025 में देश ने करीब 50 गीगावाट नई बिजली क्षमता जोड़ी, जिसमें से ज्यादातर हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी का रहा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर तेजी से बढ़ा है। अब तक 27 लाख से ज्यादा घरों में सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिससे लोगों को सस्ती बिजली मिल रही है।
उत्पादन
अब उत्पादन और स्टोरेज पर जोर देने की जरूरत
रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े लोग मानते हैं कि अब सोलर पैनल, बैटरी और एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम का देश में ही ज्यादा उत्पादन होना चाहिए। जैसे-जैसे सोलर और विंड एनर्जी बढ़ रही है, वैसे-वैसे बिजली को स्टोर करना भी जरूरी हो गया है। इसके अलावा, ग्रीन हाइड्रोजन को भविष्य की साफ ऊर्जा माना जा रहा है। इसके लिए निवेश बढ़ाने और मांग को बढ़ावा देने वाली नीतियों की जरूरत है।
चुनौतियां
चुनौतियां भी मौजूद
तेजी से बढ़ने के बावजूद इस सेक्टर के सामने कई दिक्कतें हैं। बड़े स्तर पर बिजली स्टोरेज के लिए अभी पर्याप्त सपोर्ट नहीं है। घरेलू सप्लाई चेन कमजोर है और रूफटॉप सोलर से जुड़े कुछ नियम काम को धीमा कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि बजट 2026 में इन समस्याओं का हल निकालना जरूरी है। सही नीतियों और फंडिंग से भारत स्वच्छ ऊर्जा में दुनिया में आगे बढ़ सकता है।