बजट 2026: किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि क्षेत्र के लिए क्या-क्या हुई घोषणाएं?
क्या है खबर?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी) को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया। यह वित्त मंत्री के रूप में उनका लगातार 9वां बजट था। इसमें वित्त मंत्री ने तटवर्ती काजू‑नारियल किसान, पहाड़ी इलाकों के खुमानी‑अखरोट‑बादाम उत्पादक कियान और औषधीय खेती करने वाले किसानों के लिए कई लक्षित योजनाओं की घोषणाएं की। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना बताया गया है। आइए जानते हैं उन्होंने क्या-क्या घोषणाएं की।
नारियल
नारियल संवर्धन योजना चालू करने का ऐलान
वित्त मंत्री सीतारमण ने तटवर्ती क्षेत्रों के किसानों के लिए 'नारियल संवर्धन योजना' शुरू करने का ऐलान किया है। इसमें नारियल का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रमुख नारियल-उत्पादक राज्यों में गैर-उत्पादक पेड़ों को नई किस्मों के पौधों से बदला जाना शामिल है। उन्होंने काजू और नारियल किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन देने के साथ भारतीय काजू को 2030 तक प्रीमियम ब्रांड के रूप में स्थापित कर उनका निर्यात बढ़ाने का भी ऐलान किया।
पैकेज
पर्वतीय राज्यों के किसानों के लिए विशेष पैकेज
वित्त मंत्री सीतारमण ने पहाड़ी इलाकों में खुमानी, अखरोट और बादाम की खेती करने वाले किसानों को बढ़ावा देने का भी ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि इन फसलों के लिए खास प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएंगी, ताकि मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों में भी किसान अधिक कमाई कर सकें। इसी तरह कोको की खेती को बढ़ावा देने का भी ऐलान किया गया है, जिससे चॉकलेट और प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को स्थानीय उत्पादन का सहारा मिले सकेगा।
चंदन
चंदन की खेती के लिए विशेष सहायता का ऐलान
बजट में चंदन की खेती के लिए राज्यों और किसानों को विशेष सहायता देने समर्पित कार्यक्रम चलाने की घोषणा की गई है। इससे महंगी और मांग वाली फसल फिर से अपनी पहचान बनाने में सफल होगी और किसानों की आय बढ़ेगी। इसी तरह उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की रणनीति भी बनाई गई है। इससे जड़ी-बूटी उगाने वाले किसानों की कमाई सीधे बढ़ेगी, क्योंकि निर्यात बाजार में इनकी मांग लगातार बढ़ रही है।
पशुपालन
पशुपालन के लिए क्या की घोषणाएं?
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों में पशुपालकों की सहायता और गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर के लिए सरकार उद्यमिता विकास के तहत 4 विशेष कदम उठाए जाएंगे। इनमें पशुपालकों के लिए ऋण आधारित सब्सिडी कार्यक्रम, पशुधन उद्यमों का संवर्धन और आधुनिकीकरण, पशुधन, डेयरी और मुर्गीपालन के लिए संकेंद्रित मूल्य श्रृंखला के सृजन को संवर्धित करना और पशुधन कृषक उत्पादक संगठनों की स्थापना को प्रोत्साहन देने के कार्य किए जाएंगे।
मत्स्य
500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास की घोषणा
वित्त मंत्री सीतारमण ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के व्यापक उद्देश्य के अंतर्गत बजट में 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास करने का ऐलान किया है। इसी तरह उन्होंने तटीय क्षेत्रों में मत्स्य मूल्य श्रृंखला को मजबूती प्रदान करने और स्टार्टअप के साथ महिला प्रेरित समूहों को मत्स्य कृषक उत्पादक संगठनों के साथ शामिल करते हुए बाजार से जुड़ाव में सक्षम बनाने के लिए भी विशेष प्रावधान लागू करने का ऐलान किया है।
प्रणाली
कृषि संसाधनों तक पहुंच के लिए AI प्रणाली की घोषणा
वित्त मंत्री सीतारमण ने कृषि संसाधनों तक पहुंच के लिए एकीकृत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रणाली लॉन्च करने के भारत-विस्तार प्रस्ताव की घोषणा की है। इसमें एक बहुभाषी AI टूल विकसित किया जाएगा, जिसे कृषि प्रणालियों के लिए ICAR पैकेज सहित एग्रीस्टेक पोर्टल के रूप में एकीकृत किया गया है। इससे कृषि उत्पादककता बढ़ेगी, किसानों के लिए बेहतर नतीजे संभव होंगे और अनुकूल परामर्श सहायता प्रदान करते हुए जोखिम में कमी लाई जाएगी।
SHE-मार्टस
ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए SHE-मार्ट्स की घोषणा
वित्त मंत्री सीतारमण ने ग्रामीण महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए स्वयं सहायता उद्यमी (SHE) मार्ट्स बनाने की भी घोषणा की है। इसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिला उद्यमियों को सशक्त बनाना है। ये सामुदायिक-स्वामित्व वाले खुदरा आउटलेट होंगे जो ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को एक बड़ा बाजार, ब्रांडिंग सहायता और नवीन वित्तीय साधन प्रदान करेंगे। इसमें महिलाएं केवल उत्पादक न होकर सफल एंटरप्राइज मालिक होंगी। इनका संचालन SHG क्लस्टर फेडरेशन द्वारा किया जाएगा।