बजट 2026: टैक्स ऑडिट रिपोर्ट में एक दिन की देरी पर लगेगा 75,000 रुपये का जुर्माना
क्या है खबर?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी) को केंद्रीय बजट 2026-27 में प्रस्तावित आयकर अधिनियम, 2025 के तहत टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने में देरी के लिए सख्त व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है। नए नियमों के तहत ऑडिट रिपोर्ट जमा करने में एक दिन की देरी पर भी 75,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। अगर, यह चूक 30 दिनों से अधिक समय तक जारी रहती है तो शुल्क दोगुना होकर 1.5 लाख रुपये हो जाएगा।
नियमों में बदलाव
नियमों में किया है यह बदलाव
वित्त विधेयक, 2026 में प्रस्तावित धारा 428 के तहत एक श्रेणीबद्ध और अनिवार्य शुल्क संरचना पेश की गई है, जो पहले की विवेकाधीन दंड प्रणाली को निश्चित मौद्रिक शुल्कों से बदल देगी। प्रस्तावित ढांचे के तहत कोई करदाता खातों का ऑडिट कराने में विफल रहता है या धारा 63 के तहत कर ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करता है तो विलंब के पहले दिन से ही 75,000 रुपये का शुल्क लागू होगा। ये प्रावधान 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होंगे।
जुर्माना
इस मामले में भी बढ़ाया गया जुर्माना
इस विधेयक में चार्टर्ड अकाउंटेंट से अपेक्षित रिपोर्ट प्रस्तुत करने में विफलता के लिए धारा 172 के तहत दंड का भी प्रावधान है। विलंब के पहले महीने के लिए 50,000 रुपये का जुर्माना है, जो उसके बाद बढ़कर 1 लाख रुपये हो जाएगा। सामान्य आयकर रिटर्न के लिए जुर्माना कम रहता है। 5 लाख रुपये तक की आय वाले करदाताओं के लिए यह 1,000 रुपये और अन्य के लिए 5,000 रुपये तक है।