बजट 2026: भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा, 40,000 करोड़ रुपये आवंटित
क्या है खबर?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी) को केंद्रीय बजट पेश करते हुए भारत के तकनीकी विकास के अगले चरण की आधिकारिक घोषणा करते हुए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 की शुरुआत की। इस पर 40,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय किया जाएगा। इससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए जरूरी चिप्स के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। इसके दूसरे चरण का उद्देश्य देश को एक विनिर्माण केंद्र से वैश्विक सेमीकंडक्टर शक्ति केंद्र में बदलना है।
घोषणा
वित्त मंत्री ने क्या कहा?
सेमीकंडक्टर निर्माण यूनिट्स की स्थापना पर प्रारंभिक ध्यान केंद्रित करने के बजाय यह मिशन चिप पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न स्तरों को लक्षित करेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार उपकरण और सामग्री उत्पादन, पूर्ण-स्टैक भारतीय बौद्धिक संपदा डिजाइन करने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के लिए ISM 2.0 मिशन शुरू करेगी। अप्रैल, 2025 में 22,990 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ शुरू की गई इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट विनिर्माण योजना को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा।
उद्देश्य
क्या है इस मिशन का उद्देश्य?
इस कदम से सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सेमीकंडक्टर अब राष्ट्रीय प्राथमिकता है। नए चरण का उद्देश्य कौशल विकास, स्थानीय विनिर्माण को मजबूत करना और चिप उत्पादन में राज्यों की भूमिका को बढ़ाना है। इसका उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना, वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करना और रोजगार सृजित करना है। केवल कारखानों को वित्त पोषण करने के बजाय सरकार चाहती है कि कंपनियां भारत के भीतर इंजीनियर्स और तकनीशियनों को प्रशिक्षित करें।