बिटकॉइन की कीमत पहुंची 75,000 डॉलर से नीचे, क्या है गिरावट की वजह?
क्या है खबर?
बिटकॉइन के मूल्य में लगातार गिरावट जारी है। आज (2 फरवरी) यह 75,000 डॉलर (लगभग 68 लाख रुपये) से नीचे आ गया। सुबह के समय इसकी कीमत करीब 74,683 डॉलर दर्ज की गई, जो अप्रैल, 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है। पिछले साल के उच्च स्तर से बिटकॉइन अब लगभग 40 प्रतिशत तक टूट चुका है, जिससे डर का माहौल बन गया है। अकेले जनवरी महीने में ही इसमें करीब 11 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
खरीदारी
खरीदारी कम होने से दबाव बढ़ा
क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में गिरावट की एक बड़ी वजह बाजार में खरीदारी की कमी है। पिछले कुछ समय से नए निवेशक कम आ रहे हैं और पुराने निवेशक भी सतर्क रुख अपना रहे हैं। जब मांग घटती है, तो कीमत पर सीधा असर पड़ता है और बाजार में भरोसा कमजोर होता है। इसके साथ ही बाजार में नकदी की कमी भी महसूस की जा रही है, जिससे बिकवाली का दबाव लगातार बढ़ता चला गया है और गिरावट तेज हुई है।
बिकवाली
तेजी से हुई बिकवाली का असर
हाल के दिनों में बड़ी मात्रा में डिजिटल संपत्तियों की बिकवाली हुई है, जिसने बाजार को हिला दिया है। कम कारोबार वाले दिनों में जब अचानक बिक्री बढ़ती है, तो कीमतें तेजी से नीचे जाती हैं और निवेशक घबरा जाते हैं। कुछ ही समय में अरबों डॉलर की पोजीशन बंद हुईं, जिससे गिरावट और गहरी हो गई। इस बार गिरावट किसी एक बड़ी घटना से नहीं, बल्कि धीरे-धीरे भरोसा कमजोर होने की वजह से आई है।
वैश्विक हालात
वैश्विक हालात और डर का माहौल
दुनियाभर में बढ़ते तनाव और आर्थिक अनिश्चितता का असर भी बिटकॉइन पर साफ दिख रहा है। जब हालात अस्थिर होते हैं, तो लोग जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाने लगते हैं और सुरक्षित विकल्प खोजते हैं। ऐसे में डिजिटल संपत्तियों से पैसा निकलकर दूसरे सुरक्षित साधनों की ओर जाता है। जब तक हालात स्थिर नहीं होते और बाजार में भरोसा वापस नहीं आता, तब तक कीमतों में दबाव बना रह सकता है और उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।