बिटकॉइन की कीमत अपने उच्चतम स्तर से 50 फीसदी गिरी
दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन गिरकर 57,742 डॉलर (करीब 54 लाख रुपये) पर आ गया है, जो 17 सितंबर, 2024 के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है।
बिटकॉइन में यह बड़ी गिरावट ऐसे समय में आई है, जब निवेशक बढ़ती ब्याज दरों की उम्मीदों और महंगाई से निपटने के लिए बनाई गई सख्त नीतियों को लेकर चिंता जता रहे हैं।
पिछले साल अक्टूबर में 1.26 लाख डॉलर (करीब 110 लाख रुपये) के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद से अब यह क्रिप्टोकरेंसी 50 फीसदी से भी ज्यादा गिर चुकी है।
इतना ही नहीं, यह एक अहम लंबी अवधि के औसत स्तर से भी नीचे चला गया है, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि आने वाले समय में भी बाजार में उथल-पुथल बनी रह सकती है।
बिटकॉइन ETF से पैसे की निकासी शुरू
अमेरिकी फेडरल रिजर्व का महंगाई पर सख्त रुख निवेशकों को जोखिम भरे निवेश, खासकर क्रिप्टो से दूर रहने पर मजबूर कर रहा है। जून में ही अमेरिका में लिस्टेड बिटकॉइन ETF से 4 अरब डॉलर (करीब 350 अरब रुपये) से ज्यादा की निकासी हुई, जो अब तक की सबसे बड़ी बिकवाली है।
इसके साथ ही, बिटकॉइन के बड़े कॉर्पोरेट धारक स्ट्रेटेजी ने स्टॉक बायबैक और फ्लेक्सिबल रिजर्व की घोषणा की, जिससे कई लोग हैरान हैं।
इसके बाद से भविष्य में बिटकॉइन की मांग पर भी सवाल उठने लगे हैं। विश्लेषक टोनी साइकामोर का भी कहना है कि अमेरिका के आने वाले नौकरी आंकड़े फेड पर दबाव बढ़ा सकते हैं।