कर्जदाताओं से समझौते के बाद बीरा 91 के संस्थापक अंकुर जैन का सभी पदों से इस्तीफा
क्या है खबर?
नई दिल्ली मुख्यालय वाली क्राफ्ट बीयर कंपनी बीरा 91 के संस्थापक अंकुर जैन ने कंपनी के कर्जदाताओं के साथ समझौता होने के बाद बोर्ड और सभी कार्यकारी पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही कंपनी के रोजमर्रा के कामकाज में उनकी सीधी भूमिका भी समाप्त हो गई है। जैन ने कर्मचारियों को लिखे पत्र में इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह समझौता कई महीनों तक चली लंबी बातचीत के बाद संभव हो पाया है।
सहमति
करीब 30 पक्षों के बीच बनी सहमति
जैन ने बताया कि इस समझौते में करीब 30 अलग-अलग पक्ष शामिल थे, जिनकी प्राथमिकताएं और हित अलग-अलग थे।
समझौते के तहत दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज सभी दावे और कानूनी मामले वापस लेंगे। इसके अलावा, कंपनी के कर्ज के लिए दी गई व्यक्तिगत गारंटी भी वापस ले ली जाएगी।
उन्होंने इसे कंपनी और सभी पक्षों के लिए सही दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया और आसान बदलाव का भरोसा भी जताया है।
जरूरत
नई पूंजी और नई टीम की बताई जरूरत
जैन ने कहा कि पिछले करीब 18 महीनों में कंपनी ने नई फंडिंग जुटाने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्होंने कर्मचारियों से बकाया भुगतान में हुई देरी के लिए माफी भी मांगी।
उनका कहना है कि अब बीरा 91 को नए निवेश, मजबूत बैलेंस शीट और नई प्रबंधन टीम की जरूरत है, ताकि कंपनी बिना पुराने बोझ के आगे बढ़ सके और कारोबार को फिर से मजबूत बनाया जा सके।
संकट
लंबे समय से वित्तीय संकट से जूझ रही थी कंपनी
बीरा 91 बनाने वाली कंपनी बी9 बेवरेजेज पिछले दो वर्षों से वित्तीय संकट और कारोबार से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना कर रही थी।
कंपनी लगातार नया निवेश जुटाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल सकी। इसी दौरान कंपनी कानूनी विवादों में भी फंस गई, जिससे कारोबार पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा।
इन परिस्थितियों ने कंपनी की वित्तीय स्थिति को और अधिक कमजोर बना दिया, जिसका असर उसके विस्तार की योजनाओं पर भी पड़ा।
विवाद
नुकसान बढ़ा और विवाद भी हुआ
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में भी लगातार गिरावट दर्ज की गई।
वित्त वर्ष 2023 में करीब 840 करोड़ रुपये रही आय अगले साल घटकर लगभग 600 करोड़ रुपये रह गई। वहीं बढ़ते खर्च, उत्पाद शुल्क, आपूर्ति संबंधी दिक्कतों और नियामकीय देरी के कारण नुकसान 640 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया।
इस समझौते को कंपनी के लिए नई शुरुआत और कारोबार को संभालने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।