LOADING...
अमेरिका-ईरान शांति समझौते से एशियाई शेयर बाजारों में जोरदार तेजी, निक्केई 4 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा
एशियाई शेयर बाजारों में जोरदार तेजी

अमेरिका-ईरान शांति समझौते से एशियाई शेयर बाजारों में जोरदार तेजी, निक्केई 4 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा

Jun 15, 2026
09:15 am

क्या है खबर?

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के बाद एशियाई शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। निवेशकों ने इस खबर का स्वागत किया, जिससे कई प्रमुख बाजारों में मजबूत खरीदारी हुई। जापान का निक्केई इंडेक्स 4 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। यह तेजी ऐसे समय आई है जब पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कम होने की उम्मीद बढ़ी है और वैश्विक बाजारों में राहत का माहौल बना है।

दक्षिण कोरिया

दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के बाजार भी चमके

शांति समझौते की खबर का असर सिर्फ जापान तक सीमित नहीं रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 4.3 प्रतिशत उछल गया। वहीं ऑस्ट्रेलिया का ASX200 इंडेक्स भी करीब 1.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा है। ऑस्ट्रेलियाई बाजार के ज्यादातर सेक्टर हरे निशान में रहे, जिसमें मटेरियल्स सेक्टर सबसे आगे रहा। निवेशकों को उम्मीद है कि क्षेत्रीय तनाव कम होने से व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को फायदा मिलेगा।

तेल

कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट

शांति समझौते के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी WTI क्रूड करीब 4.7 प्रतिशत गिरकर 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड भी लगभग 4 प्रतिशत टूटकर 84 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया। बाजार को उम्मीद है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने से तेल की सप्लाई सामान्य होगी। इससे ऊर्जा बाजार में बनी अनिश्चितता कम होने और कीमतों पर दबाव घटने की संभावना बढ़ी है।

Advertisement

होर्मुज

होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का हुआ ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता पूरा हो गया है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और वहां लगी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की घोषणा की। यह समुद्री मार्ग दुनिया की बड़ी तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ट्रंप के इस ऐलान के बाद वैश्विक निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और शेयर बाजारों में खरीदारी बढ़ गई। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

Advertisement

उम्मीद

108 दिन पुराने टकराव के खत्म होने की उम्मीद

ईरान के अधिकारियों ने भी समझौते की पुष्टि की है। उनके अनुसार, समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर शुक्रवार को किए जाएंगे। पिछले 108 दिनों से जारी तनाव ने वैश्विक तेल आपूर्ति और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर असर डाला था। अब दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ने से हालात सामान्य होने की उम्मीद बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वैश्विक व्यापार, ऊर्जा बाजार और निवेश माहौल को आने वाले समय में सकारात्मक समर्थन मिल सकता है।

Advertisement