अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत तक गिरावट
क्या है खबर?
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर सहमति बनने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सोमवार (15 जून) को ब्रेंट क्रूड 3.95 प्रतिशत गिरकर 83.88 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड 4.68 प्रतिशत टूटकर 80.91 डॉलर प्रति बैरल रह गया। इससे पहले शुक्रवार को भी दोनों बेंचमार्क तेल कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली थी।
मध्यस्थता
पाकिस्तान की मध्यस्थता से बनी बात
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। उनके अनुसार, दोनों देश 19 जून को स्विट्जरलैंड में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेंगे। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तुरंत और स्थायी रूप से खत्म करने पर सहमति जताई है। इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए इस सप्ताह कई तकनीकी और आधिकारिक बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।
राहत
होर्मुज स्ट्रेट खुलने से बाजार को राहत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोला जाएगा और नौसैनिक नाकेबंदी भी हटाई जाएगी। यह समुद्री मार्ग दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल की सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके खुलने से वैश्विक बाजारों में राहत की उम्मीद बढ़ी है। वहीं ईरान ने भी कहा कि नए समझौते से दोनों देशों के बीच चल रहा युद्ध तत्काल प्रभाव से समाप्त हो गया है।
सप्लाई
सप्लाई सामान्य होने में लग सकता है समय
विशेषज्ञों का मानना है कि समझौते से तेल बाजार को राहत जरूर मिलेगी, लेकिन सप्लाई पूरी तरह सामान्य होने में समय लगेगा। युद्ध के दौरान कई रिफाइनरी और गैस परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। जानकारों के अनुसार, रोजाना 1-1.2 करोड़ बैरल तेल उत्पादन अभी भी प्रभावित है। कुछ सुविधाओं को नुकसान भी पहुंचा है, इसलिए तेल कीमतों को युद्ध से पहले के लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल स्तर पर लौटने में समय लग सकता है।