ऐप स्टोर मामले में ऐपल साझा करेगी भारत से जुड़ा वित्तीय डाटा
क्या है खबर?
ऐपल ने भारत में चल रही ऐप स्टोर से जुड़ी प्रतिस्पर्धा जांच के दौरान अपनी वित्तीय जानकारी साझा करने पर सहमति जताई है। यह मामला भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की लंबे समय से चल रही जांच से जुड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, ऐपल ने सुनवाई के दौरान अतिरिक्त समय मांगा था और उसे 25 जून तक जरूरी जानकारी जमा करने की अनुमति मिल गई है। माना जा रहा है कि इस कदम से जांच अगले चरण में पहुंच सकती है।
विवाद
वित्तीय जानकारी को लेकर था विवाद
यह मामला पिछले कुछ समय से वित्तीय जानकारी साझा करने को लेकर भी चर्चा में रहा है। CCI ने 2024 में प्रारंभिक जांच के बाद कहा था कि ऐपल ने अपनी मजबूत बाजार स्थिति का गलत इस्तेमाल किया हो सकता है। हालांकि, ऐपल ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है। कंपनी का कहना था कि कुछ वित्तीय जानकारी देने से वैश्विक कारोबार के आधार पर बड़ा जुर्माना लग सकता है।
सवाल
ऐप स्टोर नीतियों पर उठे सवाल
यह जांच 2021 में कई शिकायतों के बाद शुरू हुई थी। शिकायतकर्ताओं में डेटिंग ऐप टिंडर की मूल कंपनी और भारतीय स्टार्टअप्स का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन भी शामिल थे। आरोप लगाया गया कि ऐपल अपने ऐप स्टोर पर डेवलपर्स को कुछ भुगतान विकल्पों तक सीमित रखता है। जांचकर्ताओं का मानना था कि ऐप स्टोर कई डेवलपर्स के लिए एक जरूरी मंच है। दूसरी ओर ऐपल लगातार कहता रहा है कि भारतीय स्मार्टफोन बाजार में उसकी हिस्सेदारी सीमित है।
अन्य
टेक उद्योग की नजर इस मामले पर
ऐपल और CCI से जुड़ा यह मामला भारत के तकनीकी क्षेत्र में काफी अहम माना जा रहा है। देश में डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रतिस्पर्धा नियमों को लेकर निगरानी लगातार बढ़ रही है। इसी वजह से डेवलपर्स, तकनीकी कंपनियां और उद्योग से जुड़े कई पक्ष इस जांच पर नजर बनाए हुए हैं। इस मामले का नतीजा भविष्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म की नीतियों और प्रतिस्पर्धा से जुड़े नियमों को प्रभावित कर सकता है।