एंथ्रोपिक मॉडल्स पर रोक के बाद भारत को खुद का AI सिस्टम बनाने की जरूरत
अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने 2 सबसे ताकतवर मॉडल्स फैबल 5 और मिथोस 5 तक विदेशी यूजर्स की पहुंच रोक दी है। इस कदम का भारत पर भी असर पड़ेगा।
यह फैसला अमेरिकी सरकार के एक आदेश के बाद आया है, जिसमें अमेरिकी एक्सपोर्ट-कंट्रोल नियमों का जिक्र किया गया है। इस फैसले से अब यह सवाल उठ रहे हैं कि अलग-अलग देश अमेरिका की टेक्नोलॉजी पर कितना निर्भर करते हैं और क्या अब अपना खुद का AI सिस्टम बनाने का समय आ गया है।
दूसरे देशों पर निर्भरता को लेकर दी चेतावनी
सार्वम AI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) प्रत्युष कुमार ने इस घटना को उन देशों के लिए एक बड़ी चेतावनी बताया है, जो विदेशी टेक्नोलॉजी पर निर्भर है। उन्होंने भारत से अपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर और टैलेंट में निवेश करने की अपील की।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द ही ये एडवांस्ड टूल्स सिर्फ सरकारों या खास रणनीतिक भागीदारों के लिए ही सीमित हो सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन सिस्टम पर बाहरी नियंत्रण होता है, उन पर निर्भर रहने से संगठन अचानक आने वाले व्यवधानों का शिकार हो सकते हैं और ये व्यवधान सरकारें या ऑपरेटर लागू कर सकते हैं।